बिहार में दूसरे चरण में रिकॉर्ड वोटिंग
बिहार में दूसरे चरण का मतदान खत्म हो गया है. 20 जिलों की 122 सीटों पर 68.48 फीसदी वोटिंग हुई. यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है. बिहार के चुनावी इतिहास में इतनी वोटिंग कभी नहीं हुई थी. हालांकि, फाइनल आंकड़े अभी आने बाकी हैं. दूसरे चरण में 1302 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे थे. सभी उम्मीदवारों के भाग्यों का फैसला 14 नवंबर को होगा. वोटिंग के लिए 45399 मतदान केंद्रों बनाए गए थे.
पहले चरण की वोटिंग छह नवंबर को हुई. इसमें 18 जिलों की 121 सीटों पर 65.08 फीसदी मतदान हुआ था. गया टाउन, बेतिया, चैनपुर, चकाई, अमरपुर, छातापुर और जमुई जैसी प्रमुख सीटों पर सबकी नजर टिकी थीं, जहां प्रेम कुमार, रेणु देवी, जमा खान, सुमित कुमार सिंह, जयंत राज, नीरज कुमार सिंह बबलू और श्रेयसी सिंह जैसे कई कद्दावर मंत्री और मौजूदा विधायक अपनी किस्मत आजमा रहे थे.
इन 20 जिलों में थी वोटिंग
| 1 | गयाजी |
| 2 | कैमूर |
| 3 | रोहतास |
| 4 | औरंगाबाद |
| 5 | अरवल |
| 6 | जहानाबाद |
| 7 | नवादा |
| 8 | भागलपुर |
| 9 | बांका |
| 10 | जमुई |
| 11 | सीतामढ़ी |
| 12 | शिवहर |
| 13 | मधुबनी |
| 14 | सुपौल |
| 15 | पूर्णिया |
| 16 | अररिया |
| 17 | कटिहार |
| 18 | किशनगंज |
| 19 | पूर्वी चंपारण |
| 20 | पश्चिमी चंपारण |
NDA या INDIA 14 को चलेगा पता
सत्तारूढ़ एनडीए के इस समय विधानसभा में 132 विधायक हैं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 122 के आंकड़े से काफी ज्यादा हैं. अबकी बार मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में निरंतरता और स्थिरता की परीक्षा है, जबकि आरजेडी के नेतृत्व वाले विपक्षी दल इंडिया गठबंधन के लिए यह चुनाव सत्ता विरोधी लहर और युवा असंतोष का लाभ उठाकर राजनीतिक बदलाव की पटकथा लिखने का एक अवसर है. बिहार में एनडीए या इंडिया की सरकार बनेगी, इसका पता तो 14 नवंबर को ही चलेगा.

