रियल एस्टेट सेक्टर
देश में रियल सेक्टर में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. इस क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ी है. हाल ही में नाइट फ्रैंक इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑफिस, रिटेल और वेयरहाउसिंग सेक्टर्स द्वारा ड्रिवन, इंडिया का रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) मार्केट 2025 में 10.4 ट्रिलियन रुपये से बढ़कर 2030 तक 19.7 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडिया का ऑफिस मार्केट 1 बिलियन स्क्वायर फीट से ज्यादा हो गया है, जो वर्ल्ड लेवल पर फोर्थ बिगेस्ट स्पेस है.
कमर्शियल रियल एस्टेट के ऊपर पॉसिबिलिटीज बिल्ट, ऑपर्च्युनिटीज नाउ रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडिया के REITs में ऑफिस, रिटेल और स्टोरेज जैसे ट्रेडिशनल एसेट क्लासेस से आगे बढ़कर इंडस्ट्रियल पार्क्स, डेटा सेंटर्स और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी डाइवर्सिफाई करने की पोटेंशियल है. लिस्टेड REITs ने लगभग 5.5 परसेंट का स्टेबल एवरेज एनुअल डिविडेंड यील्ड दिया है, जिससे वे अट्रैक्टिव इनकम-जेनरेटिंग टूल्स बन गए हैं.
यह रिपोर्ट 31 अक्टूबर को कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कॉन्फ्रेंस में इंडियन रियल एस्टेट का इवॉल्विंग लैंडस्केप – CRE, अनलॉकिंग इन्वेस्टमेंट, ऑपर्च्युनिटीज और इकॉनॉमिक ग्रोथ टॉपिक पर रिलीज की गई. Knight Frank के डेटा से पता चला है कि इंडिया में करंटली फाइव लिस्टेड REITs हैं, जो लगभग 177 मिलियन स्क्वायर फीट कमर्शियल और रिटेल स्पेस को कवर करते हैं, जिसमें ऑपरेशनल, अंडर-कंस्ट्रक्शन और अपकमिंग प्रॉपर्टीज शामिल हैं, जिनका वैल्यू लगभग 2.3 ट्रिलियन रुपये है और 290,000 से ज्यादा यूनिटहोल्डर्स हैं.
इतनी बढ़ेगी वैल्यूएशन
Knight Frank India के सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ऑक्यूपायर स्ट्रैटेजी एंड सॉल्यूशंस, इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक्स, कैपिटल मार्केट्स एंड रिटेल एजेंसी) विरल देसाई ने कहा कि इंडिया का कमर्शियल रियल एस्टेट प्रॉमिस से परफॉर्मेंस की तरफ बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे REITs का साइज 2030 तक 10.4 ट्रिलियन रुपये से बढ़कर 19.7 ट्रिलियन रुपये होने का अनुमान है, क्वालिटी सप्लाई, सस्टेनेबिलिटी और ग्लोबल-स्टैंडर्ड एसेट मैनेजमेंट पर फोकस करना होगा. रियल ऑपर्च्युनिटी इस बिल्ट मोमेंटम को लॉन्ग-टर्म, इनक्लूसिव इकॉनॉमिक वैल्यू में कन्वर्ट करने में है. REIT-एलिजिबल ऑफिस प्रॉपर्टीज का वैल्यू 2025 के 8.2 ट्रिलियन रुपये से बढ़कर 2030 तक 16 ट्रिलियन रुपये होने की एक्सपेक्टेशन है.
इसी तरह, रिटेल सेक्टर में, ग्रेड A के 66 मिलियन स्क्वायर फुट स्टॉक में से, सिर्फ 7.3 मिलियन स्क्वायर फुट ग्रेड A स्टॉक ही REIT के अंडर है, जो इंस्टीट्यूशनल एक्सपैंशन की एम्पल स्कोप दिखाता है. बढ़ती कंज्यूमर डिमांड और फॉर्मल रिटेल फॉर्मेट्स की तरफ ट्रेंड के कारण, REIT-एलिजिबल रिटेल प्रॉपर्टीज का वैल्यू 2025 के 1.5 ट्रिलियन रुपये से बढ़कर 2030 तक 2.4 ट्रिलियन रुपये होने का अनुमान है.

