ढाका, चार नवंबर बांग्लादेश में बेहतर वेतन की मांग को लेकर रेडीमेड कपड़ा श्रमिकों का विरोध-प्रदर्शन लगातार पांचवें दिन जारी रहने के बीच अधिकारियों ने अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है, वहीं सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन-विरोधी अभियान चलाया। बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (बीजीएमईए) के अधिकारियों ने बताया कि उपनगरीय क्षेत्र गाजीपुर में प्रदर्शन के दौरान पहले से घायल एक श्रमिक की मौत हो गई, जिसके बाद संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए 50 कारखानों को बंद कर दिया गया। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, उपनगरीय सावर औद्योगिक क्षेत्र में झड़पों के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के एक वाहन में आग लगा दी।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख ढाका-अरिचा राजमार्ग को बाधित कर दिया। बांस के डंडे लिए बीएनपी कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था बनाए रखने और घुसपैठियों को रोकने के लिए सड़कों पर मार्च किया। पार्टी ने इससे पहले आरोप लगाया था कि बेदखल की गईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब भंग हो चुकी पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ता श्रमिकों के बीच शामिल हो गए हैं।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना मामलों के सलाहकार जाहेदुर रहमान ने मंगलवार को हसीना पर इस अशांति को हवा देने का आरोप लगाया। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि बेदखल की गईं पूर्व प्रधानमंत्री ही इन प्रदर्शनों की मुख्य सूत्रधार हैं। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि शेख हसीना जब तक जीवित रहेंगी, सरकार को शांति से रहने देंगी।
जब तक हसीना जीवित रहेंगी, अशांतिपूर्ण गतिविधियां जारी रह सकती है। रहमान का यह बयान उनके उस पिछले दावे से अलग है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हसीना और उनकी भंग हो चुकी अवामी लीग बांग्लादेश में राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक हो चुकी हैं।

