(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 31 अक्टूबर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आपूर्ति शृंखला को अधिक सक्षम और संकटों के प्रति लचीला बनाने तथा प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिजों और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘क्वाड’ देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के महत्व पर शनिवार को जोर दिया। जयशंकर ने अटलांटा में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेते हुए कहा कि उन्होंने गैर-बाजारी गतिविधियों का मुकाबला करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते आर्थिक दबावों से निपटने के तरीकों पर चर्चा की। क्वाड विदेश मंत्रियों की यह बैठक शनिवार को अटलांटा में जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर आयोजित की गई।
इसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की। बैठक में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने भी हिस्सा लिया। जयशंकर ने कहा कि उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निरंतर प्रतिबद्धता के तौर पर स्थिरता बनाए रखने, समृद्धि को बढ़ावा देने और अपनी पसंद के अनुसार निर्णय लेने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया।
विदेश मंत्री ने क्षेत्र में लचीलापन बढ़ाने तथा शांति और स्थिरता में योगदान देने के लिए आतंकवाद-रोधी प्रयासों, समुद्री सुरक्षा और दक्षता विकास से जुड़े समझौतों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके अलावा, जयशंकर ने व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए अधिक समकालीन (आधुनिक) क्वाड एजेंडा विकसित करने की पुरजोर वकालत की। इस वर्ष क्वाड विदेश मंत्रियों की यह तीसरी बैठक थी।
इससे पहले मई में नयी दिल्ली और जुलाई में मनीला में मंत्रियों की बैठकें हुई थीं। नवंबर के मध्य में आसियान-पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों से इतर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी में क्वाड देशों के नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

