स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
भारत के लौह पुरुष कहे जाने वाले सरदार बल्लभ भाई पटेल की आज 150वीं जयंती है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. यह भव्य प्रतिमा प्रधानमंत्री मोदी की ही देन है, जो सरदार पटेल की महानता और एकता का प्रतीक है. इस प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है और इसका उद्घाटन 31 अक्टूबर को पीएम मोदी द्वारा किया गया.
पीएम मोदी ने 2010 में जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने एक विजन शेयर किया था. इस विजन का मकसद देश को एक साथ लाना था. वह भारत के लौह पुरुष के नाम से जाने जाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल को दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बनाकर सम्मान देना चाहते थे.
प्रतिमा बनाने के पीछे मकसद
नरेंद्र मोदी का उद्देश्य सिर्फ सरदार पटेल की स्टैच्यू बनाना नहीं था, बल्कि इसका मकसद भारत की एकता, यहां के लोगों की ताकत और एक ऐसे नेता की विरासत का जश्न मनाना था जिसने मुश्किल समय में देश को एकजुट करने में मदद की थी. तत्कालिक सीएम मोदी ने अपने एक बयान में कहा था, सरदार पटेल की प्रतिमा उन लोगों को याद दिलाएगी जो भारत के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं कि यह देश था, है और हमेशा रहेगा.
भारत की एकता का जीता-जागता प्रतीक
पीएम मोदी के लिए उस समय यह ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ सिर्फ एक स्मारक से कहीं ज़्यादा थी. यह भारत की एकता का एक जीता-जागता प्रतीक और एक ऐसा विजन था, जिसने एक राष्ट्रीय आंदोलन को प्रेरित किया था. सरदार पटेल की यह प्रतिमा आज भी भारत की विविधता में एकता का प्रतीक बनकर खड़ी है.
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, तब से आज तक वह हर साल 31 अक्टूबर को पटेल की जयंती के रूप में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाते हैं. शुक्रवार को पीएम मोदी ने गुजरात जाकर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित की और सरदार पटेल को नमन किया. इस खास अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का आयोजन किया गया. इस परेड में तीनों सेनाओं के सैनिक और सभी राज्यों के पुलिस बलों की टुकड़ियां शामिल हुईं. पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने हमारे देश की नींव को मजबूत किया.
