SIR पर विपक्ष ने चुनाव आयोग को घेरा
चुनाव आयोग ने सोमवार को यूपी समेत 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान कर दिया है. इसे लेकर तैयारी भी शुरू कर दी गई है. बिहार SIR के बाद विपक्षी दलों ने इस पर भी सवाल उठाए हैं. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए इस प्रक्रिया को जनता के अधिकारों को छीनने का षड्यंत्र बताया है.
कांग्रेस ने कहा, बिहार में जब SIR हुआ तो देश के सामने चुनाव आयोग की चोरी खुलकर सामने आ गई. यहां तक की सुप्रीम कोर्ट ने भी SIR को लेकर चुनाव आयोग को फटकार लगाई थी. कांग्रेस ने देशभर में वोट चोरी के सबूत भी दिए थे. कहीं साजिशन वोट काटे जा रहे हैं तो कही जोड़े जा रहे हैं. इन मामलों पर चुनाव आयोग को पहले जवाब देना चाहिए था. इनकी जांच कराई जानी चाहिए थी. इसके उलट चुनाव आयोग वोट चोरी के खेल में ही लग गया.
बिहार में SIR के दौरान कितने घुसपैठियों को हटाया?
कांग्रेस ने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों के एक सवाल का भी जवाब नहीं दिया है. कांग्रेस ने कहा कि 12 राज्यों में होने वाला SIR लोकतंत्र के खिलाफ एक साजिश है. जनता के अधिकारों को छीनने का षड्यंत्र है. कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि गृह मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक घुसपैठियों की बात कर रहे थे. चुनाव आयोग ने भी बड़े-बड़े दावे किए थे. क्या चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में SIR के दौरान कितने घुसपैठियों को हटाया? प्रमोद तिवारी ने कहा कि असम में भी SIR की घोषणा करनी चाहिए थी, क्योंकि वहां भी चुनाव लगभग करीब हैं. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. ऐसे ही कई सवाल हैं.
चुनाव आयोग अब 12 राज्यों में ‘वोट चोरी’ का खेल खेलने जा रहा है।
SIR के नाम पर बिहार में 69 लाख वोट काटे गए। अब 12 राज्यों में करोड़ों वोट काटे जाएंगे।
यह खुले तौर पर ‘वोट चोरी’ है, जो नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग साथ मिलकर कर रहे हैं।
बिहार में जब SIR हुआ तो देश के सामने चुनाव
— Congress (@INCIndia) October 27, 2025
डिंपल यादव ने चुनाव आयोग और सरकार पर साधा निशाना
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा ने कहा कि सवाल यह है कि SIR कराने के पीछे आखिर मंशा क्या है? चुनाव आयोग को इसे विस्तार से बताना चाहिए. न जाने कितने चुनाव हो गए हैं तो अभी तक जो चुनाव हुए हैं क्या वो अलोकतांत्रिक तरीके से हुए? उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है. सरकार पूरी तरह से देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है.
#WATCH Mainpuri, Uttar Pradesh: Samajwadi Party MP Dimple Yadav says, “If the Election Commission wants to conduct SIR (across the entire country), then let it conduct…” pic.twitter.com/PYCRpoUEB4
— ANI (@ANI) October 27, 2025
टीएमसी ने भी उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने , चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रही है. टीएमसी वोटरों को सूची से हटाने के किसी भी प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी. घोष ने कहा, अगर किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाने का प्रयास किया जाता है तो इसका विरोध किया जाएगा. ममता सरकार में मंत्री शशि पांजा ने कहा, हम संविधान को मानकर ही चलेंगे. अगर वोटरों का अधिकार छीनने का प्रयास होगा, तब संविधान और कानून के दायरे में रहकर टीएमसी लड़ेगी. उन्होंने कहा कि एक बात स्पष्ट कर देंती हूं हिंसा की कोई जगह नहीं है. कानून के दायरे में रहकर लड़ाई लड़ी जाएगी.
