फ्री कोचिंगImage Credit source: Getty Images
उत्तराखंड सरकार ने सरकारी स्कूलों के मेधावी छात्रों के लिए शुरू की गई मुफ्त कोचिंग योजना में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है. अब मेडिकल (NEET), इंजीनियरिंग (JEE Main) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हाईस्कूल अंकों की अनिवार्यता को समाप्त किया जाएगा. इसकी जगह पर चयन के लिए एक स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर राज्यभर से 10,000 छात्र-छात्राओं को कोचिंग के लिए चुना जाएगा. शिक्षा विभाग ने इस संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया है.
अब बिना प्रतिशत सीमा के मिलेगा मौका
पहले इस योजना में सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए हाईस्कूल में न्यूनतम 75 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 65 प्रतिशत अंक जरूरी थे, लेकिन अब इस शर्त को खत्म कर दिया गया है ताकि अधिक से अधिक छात्रों को अवसर मिल सके. मुख्य सचिव के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव में बदलाव किया है. इससे वो प्रतिभाशाली छात्र भी इस योजना का हिस्सा बन सकेंगे जिनके अंकों में थोड़ी कमी रही लेकिन क्षमता और लगन अधिक है.
स्क्रीनिंग परीक्षा से होगा चयन
अब चयन प्रक्रिया स्क्रीनिंग टेस्ट के जरिए होगी. इस परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी और शीर्ष 10,000 छात्रों को मुफ्त कोचिंग दी जाएगी. माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि पहले चरण में JEE, NEET और CLAT की तैयारी कराई जाएगी.
नई परीक्षाएं भी शामिल होंगी
दूसरे चरण में NDA, CAT, बैंकिंग और SSC जैसी परीक्षाओं की कोचिंग भी शामिल करने की योजना है. कोचिंग एजेंसियों का चयन, टाइमटेबल और संसाधनों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके.
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