लखनऊ में बनेगा पेडेस्ट्रियन ब्रिज
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी पर 54 करोड़ रुपये की लागत से 180 मीटर लंबा पेडेस्ट्रियन ब्रिज बनाया जाएगा, जोकि रिवर फ्रंट के दोनों किनारों को जोड़ेगा. इसकी आकर्षक संरचना व खूबसूरती लखनऊ को नयी पहचान देंगे. लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इस ब्रिज के निर्माण की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया है. शासन से स्वीकृति मिलते ही परियोजना का काम शुरू करा दिया जाएगा.
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अहमदाबाद के अटल ब्रिज की तर्ज पर गोमती नदी पर एडीसीपी ऑफिस के पास पेडेस्ट्रियन ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा, जोकि रिवर फ्रंट के दोनों किनारों को जोड़ेगा. ब्रिज की डिजाइन अनूठी व बेहद खास हो, इसके लिए आर्किटेक्ट डिजाइन कॉम्पटीशन आयोजित कराया गया था. इस प्रतियोगिता में देश भर से लगभग 25 आर्किटेक्ट संस्थाओं ने हिस्सा लेते हुए ब्रिज की ड्राइंग-डिजाइन भेजे थे.
ज्यूरी पैनल ने मुंबई की संस्था आरवैम्प स्टूडियो की डिजाइन को चयनित किया. इसके आधार पर पेडेस्ट्रियन ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा. यहां ब्रिज बनने से गोमती नदी के दायें किनारे पर लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और वहां विकसित क्रिकेट स्टेडियम, विवाह स्थल, किड्स प्ले एरिया, एम्फीथिएटर, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट, वॉटर स्पोर्ट्स आदि गतिविधियों की उपयोगिता सार्थक होगी.
12 मीटर चौड़ा होगा ब्रिज
उपाध्यक्ष ने बताया कि नदी पर यह ब्रिज 180 मीटर लंबा होगा, रैम्प और प्लेटफार्म को मिलाकर इसकी कुल लंबाई 380 मीटर तक होगी. लोग आसानी से ब्रिज पर चहलकदमी कर सके, इसके लिए इसकी चौड़ाई 12 मीटर रखी जाएगी. ब्रिज के स्ट्रक्चर को संभालने के लिए 13 पीयर्स बनाए जाएंगे. पुल के तल पर 30 मीटर और 40 मीटर चौड़े स्पैन प्लेट गर्डर्स दिये जाएंगे, जहां लोग खड़े होकर नदी का नजारा देख सकेंगे. इसके अलावा स्टील ट्यूबलर सेक्शन से ब्रिज के किनारों की संरचना की जाएगी.
स्माइलिंग थीम पर होगा ब्रिज
पेडेस्ट्रियन ब्रिज मुस्कुराइए की आप लखनऊ में हैं की स्माइलिंग थीम पर होगा, जिसकी झलक इसकी डिजाइन में भी दिखेगी. पुल की सतह पर स्टाम्प कंक्रीटिंग, जीआरसी पैनल, ग्रेनाइट, एसीपी पैनल का काम कराया जाएगा. इसके अलावा टेन्साइल स्ट्रक्चर से रूफिंग की जाएगी. पुल पर स्ट्रीट लाइट्स, बोलार्ड लाइट्स व फ्लोर लाइट्स लगवायी जाएंगी, जिससे रात के समय पर्याप्त रोशनी के साथ पुल की सुंदर आकृति दिखेगी. ब्रिज पर सजावटी पौधों व छोटे फूलदार वृक्षों के साथ लैंडस्केपिंग का कार्य किया जाएगा. इसके निर्माण व अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों में लगभग 54 करोड़ रूपये की लागत आएगी.

