आरोपीयों को होगी जेल
महाराष्ट्र की एक अदालत ने महिलाओं के प्रति अभद्र व्यवहार पर सख्त रुख अपनाया है. यहां बोरीवली के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया है कि महिला को देखते ही सीटी बजाना और उसका स्कर्ट खींचना अभद्रता का अपराध है.
यह अपराध सीधे तौर पर महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है. इस मामले में, आरोपी को छह महीने की कैद और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है. खास बात यह है कि इस मामले में फैसला काफी समय बाद आया है.
क्या है था मामला?
मामले में कांदिवली पश्चिम के चारकोप में भगवती अस्पताल के पास एक महिला 2013 से पानीपुरी का ठेला चला रही थी. यह व्यवसाय शुरू करने में एक राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारी ने उसकी मदद की थी. इस दौरान 22 अप्रैल 2013 को महिला कांदिवली के चारकोप इलाके में अपना ठेला चला रही थी. इस बीच, उसने एक जगह ठेला खड़ा किया और पास की दुकान में चली गई.
तभी इसी समय, आरोपी प्रशांत अरविंद गायकवाड़ अपनी बहन के साथ वहां आया. उसने ठेले को नुकसान पहुंचाया. यह जानकारी मिलने पर महिला ठेले के पास दौड़कर पहुंची. जब शिकायतकर्ता महिला अपनी कार के पास गई, तो आरोपी ने उसका स्कर्ट खींचा और उसके साथ दुर्व्यवहार किया.
कोर्ट ने आरोपी को दी सजा
इसके बाद मामले को लेकर महिला और युवक के बीच विवाद हो गया. इस दौरान युवक ने महिला के साथ छेड़छाड़ की. विवाद के बाद महिला ने चारकोप पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ शिकायत मामला दर्ज कराई थी. इस पर सरकारी पक्ष ने प्रभावी ढंग से तर्क दिया कि आरोपी ने महिला के साथ छेड़छाड़ की थी.
अदालत ने पाया कि यह साबित हो गया है कि आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी. सुनवाई के बाद, बोरीवली के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी प्रशांत गायकवाड़ को दोषी पाया और उसे छह महीने की कैद और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.

