सिग्मा गैंग के 4 बदमाशों का एनकाउंटर
ये कहानी है, सिग्मा एण्ड कंपनी गैंग की. बिहार-नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों में इस गैंग ने दहशत फैलाकर रखी थी. गैंग के अपराधी रंगदारी वसूलते, जो नहीं देता उसे धमकी देते. सुपारी लेकर हत्या की गारंटी लेते. हालांकि, दिल्ली में इस गैंग के सरगना सहित 3 बड़े शूटरों का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है. माना जा रहा है कि इन अपराधियों के मारे जाने से गैंग का लगभग खात्मा हो गया है.
दिल्ली के रोहिणी इलाके में गुरुवार को हुई पुलिस मुठभेड़ में सिग्मा एण्ड कंपनी के चार कुख्यात अपराधी रंजन पाठक, मनीष पाठक, अमन ठाकुर और बिमलेश महतो ढेर हो गए. यह गिरोह दिल्ली में बैठकर बिहार के सीतामढ़ी और उसके आसपास जिलों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था.
व्यवसायियों से मांगते थे रंगदारी
पुलिस ने बताया कि गिरोह दिल्ली से बिहार में फोन करके व्यवसायियों, नेताओं और अन्य लोगों से रंगदारी मांगता था. अगर रकम नहीं मिलती या काम पूरा नहीं होता तो वे बिहार जाकर हत्या जैसी वारदात को अंजाम देते और फिर दिल्ली लौट आते. इस कंपनी का सरगना रंजन पाठक खास तौर पर पैसे लेकर सुपारी किलिंग के लिए बिहार में कुख्यात था.
अमन ठाकुर और मनीष पाठक मूलरूप से बिहार के रहने वाले थे. अमन नांगलोई और मनीष करावल नगर में रहते थे और दोनों ने रंजन पाठक व बिमलेश महतो को दिल्ली में शरण दी थी. इसके जरिए गिरोह का संचालन किया जाता था. अपराधियों द्वारा वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करने के कारण लोकेशन अक्सर विदेशों की आती थी, यही वजह थी कि ये लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से दूर थे.
बिहार पुलिस को आरोपियों के फोन से एक ऑडियो क्लिप मिला है, जिसमें रंजन पाठक चुनाव से पहले आपराधिक घटनाओं के जरिए अशांति फैलाने की योजना बना रहा था. विशेष रूप से गिरोह वारदात के बाद जिम्मेदारी लेने के लिए पर्चे या सोशल मीडिया का सहारा लेता था.
तीन महीने में 5 हत्याएं
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले तीन महीनों में गिरोह ने कई भयावह वारदातों को अंजाम दिया. 18 जुलाई को बाजपट्टी में एक युवक की हत्या की. 21 जुलाई को डुमरा थाना क्षेत्र में मदन कुशवाहा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. 26 सितंबर को ब्रह्मर्षि सेना के पूर्व अध्यक्ष की हत्या हुई. 13 अक्टूबर को गाढ़ा थाना क्षेत्र में 45 लाख रुपये की रंगदारी की धमकी दी गई. वहीं, 29 सितंबर को चोरौत थाना क्षेत्र में 1.70 लाख रुपये की सुपारी लेकर श्रवण यादव की हत्या कर दी गई थी.
