गिरफ्तार आरोपी
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में साइबर ब्लैकमेलिंग के चलते एक छात्र ने हत्या कर ली. मामले में छात्र को पिछले कुछ दिन से अज्ञात नंबरों से लगातार फोन और व्हाट्सएप कॉल आ रहे थे. कॉल करने वाला खुद को लखनऊ साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था. मामले में आरोपी छात्र को लगातार धमकी दे रहा था कि मृतक ने अपने मोबाइल पर अश्लील सामग्री देखी है. इसके कारण उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. इस फर्जी मुकदमे और गिरफ्तारी के डर ने छात्र ने आत्महत्या कर ली. मृतक की पहचान 16 वर्षीय अनुराज के नाम से हुई है.
मामले जिले के औरैया कोतवाली क्षेत्र के अनुराधा त्रिपाठी इंटर कॉलेज, खानपुर रोड के पास का है. आरोपी लगातार छात्र को डरा-धमकाकर यह मामला पैसे देकर मामला ‘सेटल’ करने का दबाव बना रहे थे. इस लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक बदनामी के गहरे डर से परेशान होकर, अनुराज ने 9 नवंबर 2025 को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद मामले में परिजनों ने पुलिस में तहरीर दर्ज कराई. तहरीर के आधार पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की, जिससे इस साइबर अपराध का भंड़ाफोड़ हुआ.
पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा
इस घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में साइबर सेल, एसओजी, साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था. इस टीम ने त्वरित और सफल कार्रवाई करते हुए, छात्र अनुराज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही उन्होंने कहा ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा. गिरफ्तार आरोपियों में नरेंद्र सिंह (उम्र 28 वर्ष) पुत्र किशनपाल और लाल सिंह (उम्र 40 वर्ष) पुत्र नत्थू शामिल हैं. इसके अलावा आरोपियों में एक नाबालिक शामिल है.
भोले-भाले लोगों को बनाते थे निशाना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अज्ञात नंबरों से लगातार कॉल करते थे और नंबरों के आखिरी डिजिट बदलते रहते थे ताकि उनकी पहचान मुश्किल हो. वे बच्चों, महिलाओं और भोले-भाले लोगों को निशाना बनाते थे. वे नकली पुलिस अधिकारी बनकर कहते- आपके मोबाइल से अश्लील सामग्री देखी गई है. आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने वाली है, आपको गिरफ्तार किया जाएगा.
कई राज्यों में दर्ज है मुकदमें
डराने और मानसिक दबाव बनाने के बाद वे पीड़ित से QR कोड या ऑनलाइन वॉलेट द्वारा पैसे ट्रांसफर करवाते थे. रकम मिलते ही तुरंत उसे निकाल लेते और फिर सिम व मोबाइल बदल देते थे. आरोपियों के मोबाइल नंबर और IMEI की जांच पर पता चला कि इनके खिलाफ छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, मिर्जापुर, गोरखपुर, देवरिया सहित कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं. पुलिस सभी राज्यों से संपर्क कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
कई सामान जब्त
गिरफ्तार आरोपियों से के पास से 5 मोबाइल फोन (3 एंड्रॉयड, 2 कीपैड), 3 फर्जी पुलिस परिचय पत्र, 5 सिम कार्ड, 2 फर्जी पैन कार्ड,12,300 रुपये नकद बरामद हुए हैं. इनके बैंक खातों और सिम कार्डों से जुड़े ट्रांजैक्शन की जांच जारी है, साथ ही कुछ और नाम भी प्रकाश में आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी जल्द की जाएगी.
परिवार ने जताया आभार
मृतक के परिजन ने कहा कि अनुराज कक्षा 10 में पढ़ता था और साइबर ठगों की लगातार धमकियों से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली. आज पुलिस ने मेहनत करके उन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, इसलिए पूरा परिवार औरैया पुलिस, एसओजी प्रभारी, कोतवाल साहब और कप्तान साहब का आभारी है.

