सड़क पर कूड़ा फेंकने वालों के घर के बाहर जमा किया कचरा
बेंगलुरु में बार-बार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद, शहर की सड़कों पर कूड़ा-कचरा फैलाने की समस्या अभी भी बनी हुई है. इस समस्या से निपटने के लिए, ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) और बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) ने फैसला किया है कि जो लोग सार्वजनिक रूप से कचरा फेंकते हुए पकड़े जाएंगे, उनके घरों के ठीक बाहर कचरे का ढेर लगा दिया जाएगा और उन पर 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा.
इस पहल के तहत, शहर के मार्शल सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वाले लोगों के वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं. पहचान होने पर, उल्लंघनकर्ताओं के घरों का पता लगाया जा रहा और उनके घर पर ट्रक भरकर कचरा जमा किया जा रहा है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए जा रहे हैं. ताकि बार-बार उल्लंघन करने वालों के नाम उजागर किए जा सकें और उन्हें शर्मिंदा किया जा सके. बीएसडब्ल्यूएमएल के प्रबंध निदेशक कारी गौड़ा ने कहा काफी जागरूकता अभियान चलाए गए हैं. फिर भी, कई लोग जहां चाहें कचरा फेंक देते हैं. हम एक कड़ा संदेश देने के लिए सख्त कार्रवाई कर रहे हैं.
10 हजार रुपए का लगाया जा रहा जुर्माना
उन्होंने आगे कहा कि टीम लोग पहले से ही इलाकों में मौजूद हैं और ऐसे उल्लंघनों को दर्ज कर रहे हैं. कचरा फेंकने के कुछ घंटों बाद उसे साफ कर दिया जाएगा, लेकिन उल्लंघन करने वालों पर 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. बहस की कोई गुंजाइश नहीं होगी, हम उन्हें वीडियो सबूत दिखाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि हम बेंगलुरु को साफ रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और कूड़ा फेंकने वालों के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
क्या है बीएसडब्ल्यूएमएल का मकसद?
बीएसडब्ल्यूएमएल के अनुसार, यह पहल शहर में निरंतर नागरिक जागरूकता अभियानों के माध्यम से ब्लैकस्पॉट्स – कचरा डंपिंग जोन की संख्या 869 से घटाकर 150 करने में मिली सफलता के बाद शुरू की गई है. हालांकि, कुछ इलाकों में कूड़ा-कचरा लगातार जारी रहने के कारण अधिकारियों को और सख्त रुख अपनाना पड़ा है. उपमुख्यमंत्री और बेंगलुरु विकास मंत्री डीके शिवकुमार ने भी अधिकारियों को शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
