दिल्ली ब्लास्ट
दिल्ली ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीन को लेकर चौकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. जांच में सामने आया है कि साल 2013 में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से शाहीन अकेले नहीं, बल्कि चार अन्य डॉक्टर भी रहस्यमय तरीके से लापता हो गए थे. बाद में साल 2012 में चारों को शासन ने बर्खास्त कर दिया था. इस खुलासे के बाद कई तरह के चर्चाएं तेज हो गई हैं. आपको बता दें कि जांच एजेंसियों डॉ. शाहीन, उससे जुड़े लोग और कई घटनाओं को लेकर चर्चा कर रही हैं.
जानकारी के अनुसार, साल 2013 में फार्माकोलॉजी विभाग की प्रभारी रही डॉ. शाहीन अचानक कॉलेज से गायब हो गई थी. उसके लापता होने के कुछ ही दिनों बाद सर्जरी विभाग के लखनऊ के रहने वाले डॉ. निसार अहमद अंसारी, फिजियोलॉजी विभाग के सहारनपुर के रहने वाले डॉ. हफीजुल रहमान और एनाटॉमी विभाग में कार्यरत पश्चिम बंगाल के डॉ. हामिद अंसारी भी एक-एक कर रहस्यमय ढंग से गायब हो गए.
सालों गायब रहे डॉक्टर
चार से पांच साल तक इन चारों का कोई पता नहीं चला, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध होता गया. 2017-18 के बीच तीन डॉक्टर निसार, हफीजुल और हामिद अचानक कॉलेज प्रशासन के सामने लौट आए. उनसे पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया. डॉ. निसार और डॉ. हफीजुल आधी-अधूरी जानकारी देते रहे, जबकि डॉ. हामिद ने स्वीकार किया कि वे सऊदी अरब गए थे.
2021 में चारों डॉक्टर बर्खास्त
सालों तक तीनों डॉक्टर कहां रहे और उन्होंने कॉलेज को कई सूचना क्यों नहीं दी? इस बात संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर साल 2021 में शासन ने डॉक्टर शाहीन सहित चारों डॉक्टर को सेवा से हटाने का फैसला लिया. जांच में सामने आया है कि लगातार लापता रहने के बाद साल 2020 में शाहीन ने कॉलेज प्रबंधन को लेटर लिखकर दोबारा ज्वाइन करने की इच्छा जताई थी. उसने अपने लेटर में तलाक के बाद मानसिक ठीक नहीं रहने के कारण कॉलेज में योगदान नहीं दे पाने की बात लिखी थी.
कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने बताया कि वे लापता हुए डॉक्टरों से वह प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिले है. कॉलेज की ओर से चारों की खोजबीन कराई गई थी. उनके घर टीम भी भेजी गई, लेकिन उनके यहां ताले लटके मिले थे. इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई थी. अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि क्या चारों एक के बाद एक गायब होना संयोग था या फिर कोई प्रयोग था.

