सारब्रुकन (जर्मनी): भारत के युवा बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन ने शानदार खेल का मुजाहिरा पेश करते हुए जर्मनी में आयोजित प्रतिष्ठित हाइलो ओपन (Hylo Open) बैडमिंटन टूर्नामेंट का पुरुष एकल खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में लक्ष्य ने इंडोनेशिया के दिग्गज और विश्व रैंकिंग में छठे नंबर के खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी को सीधे गेम में 21-17, 21-10 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ लक्ष्य ने लंबे समय से चले आ रहे अपने खिताबी सूखे को खत्म किया और दो बार हाइलो ओपन का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने का ऐतिहासिक कीर्तिमान भी स्थापित किया।
सीधे गेमों में क्रिस्टी को किया पस्त
पुरुष एकल के फाइनल मैच में लक्ष्य सेन शुरू से ही आत्मविश्वास से भरे नजर आए। पहले गेम में उन्होंने आक्रामक शुरुआत की और 8-4 की बढ़त बना ली। हालांकि क्रिस्टी ने वापसी करते हुए स्कोर 9-8 कर लिया, लेकिन लक्ष्य ने नेट पर बेहतरीन ड्रॉप शॉट्स और गति नियंत्रण के जरिए 18-10 की मजबूत बढ़त हासिल की। इसके बाद क्रिस्टी ने लगातार 7 अंक जीतकर वापसी का प्रयास किया, लेकिन लक्ष्य ने धैर्य बनाए रखा और पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भारतीय शटलर ने विपक्षी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया। लक्ष्य के सटीक स्मैश, मजबूत डिफेंस और कोर्ट पर तेज मूवमेंट के आगे क्रिस्टी पूरी तरह बेबस दिखे। लक्ष्य ने शुरुआत से ही बढ़त कायम रखी और दूसरा गेम 21-10 से आसानी से जीतकर मैच व चैंपियनशिप अपने नाम कर ली।
खिताबी सूखा खत्म, रचा नया इतिहास
लक्ष्य सेन के लिए यह खिताबी जीत मानसिक और पेशेवर दोनों लिहाज से बेहद अहम है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2021 में हाइलो ओपन का खिताब जीता था। अब दूसरी बार यह ट्रॉफी जीतकर वे किसी भी वर्ग (पुरुष/महिला/डबल्स) में दो बार हाइलो ओपन जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
इस जीत के साथ लक्ष्य ने जोनाथन क्रिस्टी के खिलाफ अपना हेड-टू-हेड रिकॉर्ड भी 4-4 की बराबरी पर ला खड़ा किया है। मैच के बाद लक्ष्य ने कहा:
“काफी समय बाद खिताब जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। क्रिस्टी के खिलाफ धैर्य रखना और फ्लैट ड्राइव्स व सही लिफ्ट पर ध्यान देना सबसे महत्वपूर्ण था।”
टूर्नामेंट में लक्ष्य का सफर
हाइलो ओपन की इस खिताबी जीत के दौरान लक्ष्य सेन का सफर चुनौतीपूर्ण रहा:
– पहला दौर: फिनलैंड के जोआकिम ओल्डोर्फ को तीन गेम के संघर्ष में 16-21, 21-9, 21-13 से हराया।
– प्री-क्वार्टर फाइनल: भारत के ही हमवतन किरण जॉर्ज को 21-15, 18-21, 21-12 से मात दी।
– क्वार्टर फाइनल: फिनलैंड के काले कोल्जोनेन के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद 14-21, 21-17, 21-13 से मुकाबला पलटा।
– सेमीफाइनल: फ्रांस के छठे वरीय टोमा जूनियर पोपोव को सीधे गेमों में 21-17, 21-13 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया।
भारतीय बैडमिंटन के लिए ‘सुपर संडे’ हाइलो ओपन का यह दिन भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए दोहरी खुशी लेकर आया। लक्ष्य सेन के चैंपियन बनने से ठीक पहले भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने महिला एकल का खिताब अपने नाम किया था। एक ही दिन में भारत के दो शीर्ष खिलाड़ियों द्वारा एकल वर्ग के दोनों खिताब जीतने से यह दिन भारतीय खेलों के इतिहास में एक यादगार उपलब्धि बन गया है।
