रूबिया सईद किडनैपिंग केस में शफात अरेस्ट.
मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद किडनैपिंग केस में नया मोड़ आया है. 1989 में हुए अपहरण केस में सीबीआई ने श्रीनगर में नई गिरफ्तारी की है. आरोपी की पहचान शफात अहमद शुंगलू के तौर पर हुई है, जो हवाल का रहने वाला है और अभी इश्बर निशात में रह रहा है. सूत्रों का कहना है कि यह व्यक्ति 90 के दशक में JKLF का वर्कर था, जब यह घटना हुई थी.
शफात की गिरफ्तारी को लेकर सीबीआई (Central Bureau of Investigation) की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 1989 के रूबिया सईद किडनैपिंग केस में फरार शफात अहमद शांगलू को गिरफ्तार किया गया है. फरार शफात अहमद शांगलू 35 साल पुराने सीबीआई के केस में वॉन्टेड था. यह केस पूर्व गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण से जुड़ा है.
भगोड़े पर 10 लाख रुपये का इनाम
जांच एजेंसी ने अपने बयान में आगे कहा, आरोपी शांगलू ने साल 1989 में आरपीसी (रणबीर दंड संहिता) और TADA एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत यासीन मलिक और दूसरों के साथ मिलकर एक जुर्म किया था. भगोड़े पर 10 लाख रुपये का इनाम है. उसे कानून के मुताबिक तय समय के अंदर TADA कोर्ट जम्मू में पेश किया जाएगा.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की छोटी बेटी रूबिया सईद उनके घर से महज 500 मीटर की दूरी से अपहरण हुआ था. इस घटना ने देश की सियासत को हिला दिया था. बंदूक की नोंक पर किए गए इस अपहरण की आवाज लंदन तक पहुंची थी.जिस वक्त अपहरण हुआ, उस वक्त जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री फारूक अबदुल्ला लंदन में थे.
घटना की जानकारी मिलते ही वो भारत आए. इस केस में यासीन मलिक का नाम आया. रूबिया की रिहाई के लिए सरकार को 5 आतंकियों को छोड़ना पड़ा था, जो भारत की गिरफ्त में थे.
क्या हुआ था उस दिन?
1989 में सर्दियों के दिन थे. रूबिया एक अस्पताल में मेडिकल इंटर्न थीं. शाम के वक्त वो हॉस्पिटल से अपने घर लौट रही थीं. मिनी बस से घर जा रही थीं. इस दौरान नौगाम में उनके घर से 500 दूरी पर चार लोगों ने उन्हें बंदूक की नोक पर गाड़ी से बाहर निकाला और एक मारुति कार में बैठाया और गायब हो गए. बाद में पता चला कि जिस शख्स ने इस वारदात को अंजाम दिया, उसका नाम था यासीन मलिक.

