बार-बार नींद खुलने के नुकसान Image Credit source: Getty images
अच्छी सेहत के लिए नींद पूरी होना भी बहुत जरूरी है, लेकिन अगरआपकी रात की नींद बार-बार टूट जाती है, तो इसे एक आम समस्या न मानें. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक नई रिसर्च के अनुसार, रात में बार-बार नींद टूटने से दिल की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है. यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो कई खतरनाक बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है. रिसर्च के मुताबिक, हर व्यक्ति को रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपी स्टडी के मुताबिक,जिन लोगों की नींद लगातार टूटती है, उनमें ब्लड प्रेशर का रिस्क रहता है. नींद टूटने से शरीर को पूरी तरह रिपेयर होने का मौका नहीं मिलता, जिससे हार्ट फंक्शनिंग पर असर होता है. रिसर्च में यह भी सामने आया कि बार- बार नींद टूटने से ब्रेन पर भी असर हो सकता है.
दिल के लिए क्यों खतरनाक है नींद टूटना
रात की गहरी नींद के दौरान दिल को आराम मिलता है और ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर रहता है लेकिन जब नींद बार-बार टूटती है तो हार्ट पर प्रेशर बढ़चा है. इससे इंफ्लामेशन हो सकती है, जो बाद में हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ा देती है. जो लोग रोजाना 23 बार नींद टूटने की शिकायत करते हैं, उनमें हार्ट डिजीज का रिस्क 30 फीसदी तक बढ़ जाता है.
राजीव गांधी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजीत जैन बताते हैं कि रात में कई बार नींद टूट रही है तो इसका मतलब है कि ब्रेन सोने के बाद भी ज्यादा ही एक्टिव है. इसका एक बड़ा कारण यह है कि आप जरूर से ज्यादा सोचते हैं या फिर किसी भी बात को लेकर मानसिक तनाव में हैं. अगर मानसिक तनाव है तो जाहिर तौर पर इसका असर हार्ट पर भी होता है. क्योंकि हार्ट अटैक का एक कापण मानसिक तनाव होता है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपनी सेहत का ध्यान रखें और अगर रात में बार- बार नींद टूटने की समस्या है तो डॉक्टर से जरूर मिलें. खासकर कुछ लोगों को तो ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
स्लीप एपनिया से पीड़ित लोग
मानसिक तनाव में रहने वाले लो
रात में मोबाइल या टीवी देखने वाले
कैसे बचें इस खतरे से?
सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी रखें
रोज एक ही समय पर सोने-जागने की आदत डालें
रात में चाय या कॉफी न पीएं
मानसिक तनाव न लें
इससे बचाव के लिए योग करें

