आंध्र प्रदेश में कडप्पा जिले के बडवेलु निर्वाचन क्षेत्र के कलासपाडु मंडल के धुलमवारी पल्ले गांव की रहने वाली आदिलक्ष्मी को उसके पति मारुति राजू ने झटका दिया, जो जम्मलामदुगु निर्वाचन क्षेत्र के मुद्दानूर मंडल का रहने वाला है. उसने अपनी जीवित पत्नी को मृत्यु प्रमाण पत्र भेजा और कहा कि मुझे छोड़ कर जाना मतलब उसका दुनिया छोड़ने जैसा है. मारुति राजू कुछ समय से लगातार शराब पी रहा था और अपनी पत्नी को परेशान कर रहा था. 20 दिन पहले, आदिलक्ष्मी ने अपने तीन बच्चों को अपने पति के पास छोड़ दिया और कलासपाडु मंडल के धुलमवारीपल्ली में अपने पैतृक घर चली गई.
हालांकि, ये मामला चर्चा का विषय बन गया जब उसके पति मूर्ति राजू ने गुस्से में आकर उसके नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र भेज दिया. इसके साथ ही वह कलासपाडु पुलिस स्टेशन गई और पुलिस से संपर्क किया. उसने शिकायत की कि मैं जीवित हूं, फिर भी मेरे पति ने मुझे मृत्यु प्रमाण पत्र दिया है. इसके साथ ही यह घटना प्रकाश में आई. मुद्दनूर ग्राम पंचायत द्वारा इस महीने की 12 तारीख को जारी किए गए मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु प्रमाण पत्र की बात कही गई है.
मत्यु प्रमाण पत्र पर उठ रहे सवाल
हालांकि, इस बात पर संदेह है कि क्या मृत्यु प्रमाण पत्र इतनी जल्दी जारी किया जाएगा. यह मृत्यु प्रमाण पत्र कैसे जारी किया गया? इस बात पर स्थानीय बहस चल रही है कि मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए मृतक के बारे में क्या सबूत दिए गए थे. क्या सरकार द्वारा किसी जीवित व्यक्ति को इतनी लापरवाही से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जा सकता है, यह भी चर्चा का विषय है.
पीड़िता ने पुलिस से की शिकायत
स्थानीय लोगों का कहना है कि पति द्वारा अपनी पत्नी को इस तरह का प्रमाण पत्र देना गंभीर है. घरेलू हिंसा और अपने शराबी पति की वजह से पीड़िता ने घर छोड़ दिया था. उसने अपने पति द्वारा दिए गए सदमे के कारण पुलिस से संपर्क किया. अब सवाल यह है कि क्या वह बच्चों की खातिर अपने पति के की इस करतूत को माफ करेगी, भले ही उसने अपने तीन बच्चों को अपने पति के पास छोड़ दिया हो.

