मस्जिद के इमाम ने पत्नी की बेरहमी से की हत्या
उत्तर प्रदेश के मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ माह पहले हुई महिला के मर्डर की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतका के पति और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों से हत्या में इस्तेमाल की गई छुरी और रस्सी भी बरामद की गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या का मास्टरमाइंड खुद महिला का पति है, जो पेशे से मस्जिद का इमाम है.
एसएसपी विपिन ताडा ने बताया कि बीते सितंबर में मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में गंग नहर की पटरी पर बुर्क़ा पहने एक महिला का शव बरामद हुआ था. महिला की गला रेतकर हत्या की गई थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की. शव की शिनाख्त के लिए आसपास के सभी थानों और जिलों में अभियान चलाया गया. जांच के दौरान पता चला कि मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र में एक महिला नईमा यास्मीन की गुमशुदगी दर्ज है. शव की पहचान नईमा यास्मीन के रूप में हुई, जिससे पुलिस को बड़ी सफलता मिली.
नईमा असम की रहने वाली थी
जांच आगे बढ़ी तो खुलासा हुआ कि नईमा का पति शहजाद इमाम है, जो चरथावल की एक मस्जिद में इमाम है. नईमा असम की रहने वाली थी और सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद के संपर्क में आई थी. शहजाद ने खुद को कपड़ा व्यापारी और अविवाहित बताकर नईमा से ऑनलाइन निकाह किया था, जबकि वह पहले से शादीशुदा था और तीन बच्चों का पिता भी है.
निकाह के बाद शहजाद नईमा को चरथावल ले आया, लेकिन जल्द ही उसके झूठ का पर्दाफाश हो गया. जब नईमा को पता चला कि उसका पति पहले से शादीशुदा है और इमाम के पद पर कार्यरत है, तो वह हैरान रह गई. इस बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होने लगे. नईमा ने शहजाद को अपनी पहली पत्नी से मिलने पर भी रोक लगा दी, जिससे वह परेशान हो उठा.
दोस्त ने भी मर्डर में दिया साथ
इसी तनाव से छुटकारा पाने के लिए शहजाद ने अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची. उसने मेरठ निवासी अपने दोस्त नदीम अंसारी को 12 हजार रुपये देकर हत्या में साथ देने को तैयार कर लिया. 16 सितंबर को शहजाद नईमा को बाजार ले जाने के बहाने घर से बाहर लाया. रास्ते में उसने जूस में नींद की गोलियां मिलाकर नईमा को बेहोश कर दिया. इसके बाद दोनों आरोपी उसे मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में सिवालखास इलाके के पास ले गए, जहां नदीम ने रस्सी से गला कस दिया और शहजाद ने छुरी से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी.
हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शहजाद ने बड़ी चाल चली — उसने खुद चरथावल थाने में नईमा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी. लेकिन पुलिस की गहन जांच में उसका झूठ बेनकाब हो गया. मेरठ की जानी थाना पुलिस ने शहजाद और नदीम दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

