मृतका महिला
महाराष्ट्र के मुंबई के मजिस्ट्रेट कोर्ट से चौकाने वाला मामला सामने आया है. यहां कोर्ट में पेश हुई एक महिला वकील की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. घटना के बाद महिला के पति ने आरोप लगाया है कि समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने और कोर्ट में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण उसकी मृत्यु हो गई. मृतका की पहचान मालती पवार के नाम से हुई है. उनकी उम्र 59 साल बताई जा रही है.
यह घटना जिला कोर्ट में हुई. कोर्ट छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस इलाके में स्थित है. हैरान करने वाली बात यह है कि मालती की तबियत बिगड़ने के बाद कोर्ट में हंगामा शुरू हो गया. इस दौरान वहां लोग सिर्फ तमाशा देखते रहे. किसी ने महिला की मदद नहीं की और नहीं किसी ने उसे अस्पताल पहुंचाया. नतीजतन, कोर्ट में ही महिला की मौत हो गई.
महिला के पति ने लगाया आरोप
मामले में मालती पवार एक केस की कॉपी लेने कोर्ट आई थीं. जब उनकी तबियत बिगड़ी, तो वे बार रूम में चली गईं. उनके दिल का दौरा पड़ने के बाद, वहां मौजूद किसी ने भी उन्हें सीपीआर तक नहीं दिया, बल्कि लोग वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे और खड़े होकर तमाशा देख रहे थे. ऐसा उनके पति रमेश ने आरोप लगाया है.
बताया जा रहा है कि मालती को बार रूम में ही दिल का दौरा पड़ा. अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई. इस मामले में आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है.
मृतका के पति ने क्या कहा?
रमेश पवार ने दुख जताते हुए कहा, ‘मुझे शाम करीब साढ़े छह बजे आज़ाद मैदान पुलिस स्टेशन से फोन आया कि मेरी पत्नी को कामा अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मेरे वहां पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी थी. जब मैं कामा अस्पताल पहुंचा, तो मेरी पत्नी का शव स्ट्रेचर पर पड़ा था, उनके बैग के साथ, लेकिन एक भी सहकर्मी उनके साथ नहीं था.’
इस घटना के बाद, वकील सुनील पांडे ने एक पत्र लिखकर मांग की है कि मुंबई की सभी अदालतों में वकीलों के लिए आपातकालीन चिकित्सा और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए.

