नीरव मोदी, विजय माल्या. (फाइल फोटो)
घोषित भगोड़े आर्थिक अपराधियों के खिलाफ क्या बड़ी कार्रवाई हुई है? इस संबंध में केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी. इन अपराधियों में नीरव मोदी, विजय माल्या, नितिन संदेसरा समेत 15 आर्थिक भगोड़े हैं, जिनसे इस साल के अक्टूबर तक सरकार ने वसूली की पूरी जानकारी दी है. लोकसभा में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए वित्त मंत्रालय ने बताया कि फ्यूजीटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर एक्ट-2018 के तहत अब तक कुल 15 व्यक्तियों को घोषित किया जा चुका है.
दरअसल, सरकार से सवाल किया गया था कि फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट, 2018 के तहत अब तक कितने लोगों को फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स घोषित किया गया है. खासकर पब्लिक सेक्टर बैंकों के खिलाफ बड़े पैमाने पर किए गए फाइनेंशियल फ्रॉड से जुड़े मामलों में. घोषित फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स की वजह से पब्लिक सेक्टर बैंकों को हुए नुकसान की जानकारी मांगी गई थी.
ऐसे ऑफेंडर्स को वॉच लिस्ट में डाला जाए?
सरकार से ये भी सवाल किया गया था कि अब तक कितने फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स ने वन टाइम सेटलमेंट (OTS) के तहत लोन सेटलमेंट के लिए बातचीत की है. क्या सरकार यह पक्का करने के लिए कोई पॉलिसी बना रही है कि भविष्य में ऐसे इकोनॉमिक ऑफेंडर्स को देश छोड़ने से पहले कानूनी तौर पर बैन किया जाए या वॉच लिस्ट में डाला जाए?
इसके जवाब में सरकार ने बताया कि देश के बैंकों का 26645 (ब्याज के साथ 31437) करोड़ का चुना लगाने वाले 15 आर्थिक भगोड़ों से 19 हजार 187 करोड़ रुपये वसूले गए हैं.नीरव मोदी, विजय मालया, नितिन संदेसरा समेत 15 आर्थिक भगोड़ों से इस साल के अक्टूबर तक सरकार ने आधे से ज्यादा रकम वसूल ली है. सरकार की ओर से दी गई जानकारी को आसानी से टेबल के जरिए समझिए.

