NCERT की कक्षा 7 की नई सोशल साइंस की किताब में अब महमूद गजनी और उसके भारत पर किए गए आक्रमणों के बारे में पहले से कहीं जयादा विस्तार से बताया गया है. पहले किताब में इस विषय पर सिर्फ एक पैराग्राफ था, लेकिन अब नए संस्करण में छह पन्नों का पूरा सेक्शन जोड़ा गया है. नई किताब Exploring Societies: India and Beyond में बताया गया है कि महमूद गजनी ने भारत पर 17 बार हमला किया. हर बार वह भारत के शहरों को लूटकर बड़ी मात्रा में खजाना लेकर गजनी लौट जाता था. किताब में मथुरा, कन्नौज और सोमनाथ में हुई लूट और विनाश का डिटेल में वर्णन किया गया है.
किताब बताती है कि गजनी की सेनाएं कई बार भारी संघर्ष के बाद जीत दर्ज करती थीं. खासकर चंदेल शासकों ने उसे कड़ी चुनौती दी, लेकिन उसके तेज मार्च और घुड़सवार सेना की रणनीति ने कई बार निर्णायक भूमिका निभाई.
मथुरा, कन्नौज और सोमनाथ पर गजनी के हमले
किताब में लिखा है कि गजनी ने मथुरा के भव्य मंदिर को नष्ट कर उसका खजाना लूट लिया. इसके बाद वह कन्नौज पहुंचा और वहां भी कई मंदिरों को लूटा. कुछ वर्षों बाद उसने सोमनाथ पर हमला किया, जहां उसे स्थानीय लोगों से कड़ा मुकाबला करना पड़ा, लेकिन कई दिनों की लड़ाई के बाद वह मंदिर को तोड़ने और भारी खजाना ले जाने में सफल रहा.
भारत की समृद्धि पर गहरा आघात
किताब में फारसी विद्वान अलबरूनी के हवाले से बताया गया है कि महमूद के लगातार आक्रमणों ने भारत की समृद्धि और वैज्ञानिक परंपराओं को गहरी चोट पहुंचाई. अलबरूनी ने लिखा है कि इन हमलों के कारण हिंदू लोग चारों दिशाओं में बिखर गए.
नई किताब में महमूद गजनी की क्रूर छवि
नई किताब में महमूद गजनी का चित्रण एक ताकतवर लेकिन बेहद क्रूर शासक के रूप में किया गया है, जो सिर्फ हिंदू, बौद्ध और जैन ही नहीं, बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वी मुस्लिम संप्रदायों के लोगों को भी मार डालता था.

