आरजेडी नेता तेजस्वी यादव.
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों चुनाव प्रचार जोरों पर हैं. सूबे में ताबड़तोड़ रैलियां हो रही है. वहीं सूबे में बगावत करने वाले नेताओं पर भी कार्रवाई की जा रही है. इसी के तहत आरजेडी ने एक बार फिर बुधवार (29 अक्टूबर) को अपने 10 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
निष्कासित किए गए नेताओं में एक ऐसे विधायक भी शामिल हैं, जो टिकट न मिलने पर पार्टी के घोषित उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे हैं. आरजेडी के वर्तमान विधायक (डेहरी) फतेह बहादुर सिंह, पार्टी के डेहरी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं.
निष्कासित नेताओं में ये लोग शामिल
आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने एक बयान में कहा कि निष्कासित नेताओं में एक मौजूदा विधायक और दो पूर्व विधायक भी शामिल हैं. बयान के मुताबिक डेहरी आरजेडी के वर्तमान विधायक फतेह बहादुर सिंह, पूर्व विधायक मो. गुलाम जिलानी वारसी (कांटी) और मो. रियाजुल हक राजू (गोपालगंज) को पार्टी से बाहर कर दिया गया है.
निष्कासित नेताओं की लिस्ट में इनके अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश कुमार (नालंदा), बिहार शरीफ से मो. सैयद नौसादुल नवी उर्फ पप्पू खां, पूर्णिया के प्रदेश महासचिव अमोद कुमार मंडल, सिंहेश्वर के क्रियाशील सदस्य विरेंद्र कुमार शर्मा, मधेपुरा से ई. प्रणव प्रकाश, भोजपुर से महिला प्रकोष्ठ की महासचिव जिप्सा आनंद और भोजपुर के ही सक्रिय सदस्य राजीव रंजन उर्फ पिंकू शामिल हैं, जिन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाया गया. इसके साथ ही लिस्ट में पूर्व विधायक गुलाम जिलानी वारसी और रियाजुल हक राजू भी शामिल हैं.
इससे पहले 27 लोगों को निकाला था
दो दिन पहले ही आरजेडी ने अपने 27 नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था, इसमें परसा से विधायक छोटेलाल राय भी शामिल था. पार्टी ने 2 मौजूदा विधायकों और 5 पूर्व विधायकों समेत 27 नेताओं को निष्कासित किया था. पार्टी की इस कार्रवाई से साफ जाहिर होता है कि पार्टी विरोधी लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. आरजेडी ने पहले जेडीयू ने भी कार्रवाई करते हुएपूर्व मंत्री के साथ 11 नेताओं को बाहर निकाला था.
