निलंबित सिपाही
उत्तर प्रदेश में बरेली जिले के पुलिस लाइन में तैनात सिपाही को सोशल मीडिया पर अमर्यादित पोस्ट डालने और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप में निलंबित कर दिया है. यह सिपाही फेसबुक पर खुद को जननायक दार्शनिक, समाज सुधारक और लेखक बताता था. उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर मिशन 2027 का उल्लेख करते हुए खुद को नेता के रूप में प्रस्तुत किया था.
जानकारी के अनुसार सिपाही मोहम्मद आकिब जो पुलिस लाइन बरेली में तैनात था, लंबे समय से सोशल मीडिया पर एक्टिव था. वह सर आकिब पाशा नाम से फेसबुक आईडी चला रहा था. जिस पर वो कई बार विभाग और समाज को लेकर अमर्यादित भाषा में पोस्ट करता था. उसकी पोस्ट में महिलाओं पर की गई टिप्पणी और राजनीतिक अंदाज के बयान भी शामिल थे.
एसएसपी ने दिये जांच के आदेश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आकिब की पोस्ट पर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी. मामला सामने आने के बाद एसएसपी अनुराग आर्य ने इसकी प्राथमिक जांच कराई. जांच में यह साबित हुआ कि आरक्षी आकिब ने पुलिस विभाग की सोशल मीडिया नीति का उल्लंघन किया है और उसकी पोस्ट से विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा है.
सिपाही हुआ निलंबित
मामले में एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मोहम्मद आकिब को निलंबित कर दिया और उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं. एसएसपी का कहना है कि पुलिस कर्मियों को सोशल मीडिया पर मर्यादित और जिम्मेदार आचरण बनाए रखना चाहिए. बिना अनुमति के किसी भी राजनीतिक या विवादित विषय पर टिप्पणी करना नियमों का उल्लंघन है.
कई अकाउंट्स से करता था पोस्ट
मामले में आकिब न सिर्फ अपनी आईडी से बल्कि अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स से भी विभागीय और सामाजिक मुद्दों पर अनुचित टिप्पणियां कर रहा था. उसकी कई पोस्टों में मिशन 2027 और जननायक आकिब जैसे शब्द लिखे हुए थे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह खुद को किसी सामाजिक या राजनीतिक अभियान से जुड़ा दिखाने की कोशिश कर रहा था.
दरोगा पर भी हुई कार्रवाई
इसके अलवा एसएसपी ने एक और पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई की है. मामले में सीबीगंज थाने के दरोगा नितिन कुमार को भी अमर्यादित भाषा के प्रयोग पर लाइनहाजिर किया गया है. जानकारी के अनुसार, दरोगा नितिन कुमार एक मुकदमे की वादी से फोन पर बात करते समय अनुचित शब्दावली का इस्तेमाल कर रहे थे. जब इस बातचीत का ऑडियो एसएसपी तक पहुंचा, तो उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिया गया है.
इसके साथ ही उन्हें भविष्य में अनुशासन और भाषा पर नियंत्रण रखने की सख्त चेतावनी दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, नितिन कुमार पहले भी निलंबन की कार्रवाई झेल चुके हैं. कुछ महीने पहले मीरगंज थाने में भी उनके खिलाफ शिकायत पर निलंबन हुआ था. पांच महीने पहले बहाल होकर लौटे नितिन कुमार को सीबीगंज में तैनाती मिली थी, लेकिन अब फिर से उन पर कार्रवाई हुई है.
सख्त हुआ पुलिस विभाग
फिलहाल बरेली पुलिस विभाग अब सोशल मीडिया नीति के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाए हुए है. हाल के दिनों में कई पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर अपनी राय या निजी विचार साझा करते पाए गए हैं, जिनसे विभाग की छवि पर असर पड़ता है. एसएसपी अनुराग आर्य ने साफ कहा है कि पुलिस कर्मी आम नागरिकों की तरह सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में विभाग, शासन या समाज से जुड़ी अमर्यादित या विवादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी पुलिसकर्मी ने नियमों की अनदेखी की, तो उस पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
