सीएम ममता ने किया मुआवजे का ऐलान
पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी के पास मंगलवार को 57 साल के एक व्यक्ति की मौत के बाद सियासत गरमा गई है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि शख्स SIR की सुनवाई को लेकर तनाव में था. मृतक की पहचान चूनाभट्टी क्षेत्र के निवासी मोहम्मद खादेम के रूप में हुई है. उनका शव फुलबारी इलाके में पुलिस के एक खाली पड़े क्वार्टर से बरामद किया गया.
अब इस मौत को लेकर सियासत तेज हो गई है. सत्ता पक्ष इसे एसआईआर से जोड़कर देख रहा है. परिजनों के मुताबिक, 2002 की मतदाता सूची में नाम न होने के कारण खादेम हाल ही में एसआईआर की एक सुनवाई में शामिल हुए थे. परिवार का आरोप है कि इस सुनवाई के बाद से ही वह काफी दबाव में और मानसिक तनाव में था.
मुख्यमंत्री ने ईसी और चुनाव आयोग पर बोला हमला
दूसरी ओर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग और बीजेपी पर जमकर हमला बोला. सीएम ने कहा है कि एसआईआर के लिए चुनाव आयोग बीजेपी आईटी सेल के मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहा है.
दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में आगामी गंगासागर मेले की तैयारियों के अपने दो दिवसीय दौरे के समापन के बाद सीएम बनर्जी ने कहा है कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के एसआईआर के दौरान हर तरह के गलत हथकंडे अपना रहा है.
सीएम बोलीं- चुनाव आयोग हर गलत हथकंडे अपना रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग एसआईआर कराने के लिए हर तरह के गलत हथकंडे अपना रहा है. यह योग्य मतदाताओं को मृत घोषित कर रहा है और बुजुर्गों, बीमारों तथा अस्वस्थ लोगों को सुनवाई में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहा है. इसके लिए वह बीजेपी के आईटी सेल के मोबाइल ऐला का इस्तेमाल कर रहा है. सीएम ने इसे गैरकानूनी, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताया है.
सांसद डेरेक ओ ब्रायन पहुंचे गए हैं सुप्रीम कोर्ट
टीएमसी ने यह आरोप उस दिन लगाया जब उनकी पार्टी के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि चुनाव निकाय ने बंगाल में जारी एसआईआर के लिए मनमानी और प्रक्रियात्मक रूप से अनियमित कार्रवाईयों का सहारा लिया है. पार्टी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया ने राज्य में योग्य और वास्तविक मतदाताओं के लिए काफी कठिनाइयां पैदा कर दी हैं.

