मास्क बीमारियों से बचाव में कारगर नहींImage Credit source: Getty images
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी नई गाइडलाइंस में यह चेतावनी दी है. WHO के मुताबिक, जाने वाले सर्जिकल फेस मास्क अब फ्लू-लाइक बीमारियों, जिनमें कोविड-19 भी शामिल है, से पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते हैं. इन बीमारियों से अगर बचना है तो रेस्पिरेटर मास्क जैसे
जैसे N95 और FFP3का इस्तेमाल करना चाहिए. WHO ने कहा है कि सर्जिकल मास्क, हवा के जरिए फैलने वाले वायरस से सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं, हालांकि बड़े पैमाने पर अस्पतालों में इनका यूज हो रहा है लेकिन यह फायदेमंद नहीं है.
WHO ने कहा है कि सर्जिकल मास्क, हवा के जरिए फैलने वाले वायरस से सुरक्षा नहीं दे पा रहे हैं, हालांकि बड़े पैमाने पर अस्पतालों में इनका यूज हो रहा है लेकिन यह फायदेमंद नहीं है. इस मास्क का कुछ लोग कई बार भी यूज कर लेते हैं, जबकि यह सिंगल यूज होता है. बार- बार यूज से संक्रमण का खतरा भी बढ़ता है.
कोरोना महामारी में हर महीने 129 अरब डिस्पोजेबल मास्क इस्तेमाल किए
WHO ने कहा है कि कोविड महामारी के दौरान दुनियाभर में हर महीने करीब 129 अरब डिस्पोजेबल मास्क इस्तेमाल किए जा रहे थे.
उस समय सर्जिकल मास्क सबसे आसानी से उपलब्ध थे, लेकिन अब जो वैज्ञानिक सबूत सामने आए कि वह बताते हैं कि ये मास्क नाकाफी है. इससे रिस्पिरेटरी मास्क की तरह कणों को फिल्टर करने की क्षमता नहीं है. यह एकतरफा सुरक्षा ही देते हैं. कुछ लोगों के चेहरे पर से ये मास्क बार- बार उतरते रहते हैं. ऐसे में इंफेक्शन का खतरा और भी बढ़ जाता है.
रेस्पिरेटर मास्क क्यों फायदेमंद
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मेडिसिन विभाग में डॉ अजीत जैन बताते हैं कि एन95 जैसे मास्क चेहरे पर कसकर फिट होते हैं. ये हवा को फिल्टर करते हैं. कई देशों में इनके इस्तेमाल से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों में संक्रमण कम हुआ है, जबकि सर्जिकल मास्क बहुत पतले होते हैं. इनमें संक्रमित कण आसानी से मुंह और नाक के जरिए शरीर में जा सकते हैं. लेकिन रेस्पिरेटर मास्क इस जोखिम को काफी हद तक कम कर देते हैं, ऐसे में इनका यूज फायदेमंद है. हालांकि अब इस चेतावनी को लेकर कुछ जगह आलोचना भी हो रही है. कहा जा रहा है कि इस तरह की गाइडलाइन काफी देर से जारी की गई है, लेकिन WHO का कहना है कि लंबी समीक्षा के बाद यह गाइडलाइन जारी की गई है.

