दिवाली पर इस तरह बनाएं मिठाईImage Credit source: Getty Images
धनतेरस से फेस्टिव सीजन की शुरुआत हो जाएगी और भाई दूज तर देशभर में इसकी धूम देखने को मिलेगी. इस दौरान सभी अपनों घरों को डेकोरेट करते हैं. हर खुशी, सौभाग्य और फेस्टिवल के मौके पर लोग एक दूसरे का मुंह मीठा करवाते हैं. सभी तरह के त्यौहार और पूजा में भी मिठाइयां को भाग भगवान को लगाया जाता है और प्रसाद के रूप में यह बहुत महत्वपूर्ण होती है. इसी तरह दिवाली पर भी लोग एक दूसरे से घर मिठाइयां और गिफ्ट्स देने जाते हैं. मिठाइयों की दुकानों में इस दौरान बहुत भीड़ देखने को मिलती है, उसी तरह कई जगहों से मिलावट की खबरें में सामने आती हैं.
मिठाई बनाते समय कुछ मिलावटखोर अपने फायदे के लिए इसमें मिलावट करते हैं. जिसे खाने के बाद व्यक्ति की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. ऐसे में कई लोग घर पर मिठाई बनाने के बारे में सोचते हैं. लेकिन मिठाई का टेस्ट सही नहीं आ पाता है. दरअसल कई बार छोटी-छोटी गलतियों की वजह से स्वाद या बनावट खराब हो जाती है. इसलिए मिठाई बनाते समय आपको इन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए.
सही क्वालिटी के इंग्रीडिएंट्स
सबसे जरूरी बात कि मिठाई बनाने में उपयोग किए जाने वाले इंग्रीडिएंट्स जैसे कि दूध, खोया, मावा, घी, बेसन, चीनी और ड्राई फ्रूट्स यह सभी अच्छी क्वालिटी के हों. बासी या फिर खराब इंग्रीडिएंट्स मिठाई का स्वाद बिगड़ सकते हैं. ताजा दूध और मावा, ताजा देसी घी और साफ चीनी का उपयोग करें. आप बिना मसाले वाले गुड़ का भी उपयोग कर सकते हैं.
सही क्वांटिटी
मिठाई या फिर कोई भी खाने की चीज बनाते समय इंग्रीडिएंट्स को नाप तौल कर डालना बहुत मायने रखता है. सभी को देखकर रेसिपी के अनुसार माप कर ही डालें. कोई चीज ज्यादा या कम होने से स्वाद खराब हो सकता है. जैसे कि लड्डू बनाते समय घी कम डाला को वह सख्त बनेंगे और ज्यादा डालने से वह बहुत ज्यादा सॉफ्ट बन सकते हैं.

चीनी की चाशनी का सही टेक्सचर
रसगुल्ला, बर्फी, गुलाब जामुन और जलेबी जैसी मिठाइयों के लिए चाशनी जरूर बनाई जाती है. ऐसे में पहले इसे बनाने की विधि को सही से समझें. 1 तार वाली चाशनी का उपयोग गुलाब जामुन, जलेबी और इमरती और मीठी बूंदी के लिए किया जाता है, तो मिठाई चाशनी को एब्जॉर्ब कर लेती हैं. वहीं 2 तार चाशनी यूज , गुझिया, मठरी और शकर पारे में डाला जाते हीं, जो परोसते समय ऊपर चढ़ाई जाती है. 3 तार चाशनी का उपयोग बूरा, बर्फी या बताशे बनाने के लिए किया जाता है.
खोया या मावा घर पर बनाएं
अगर संभल हो तो खोया या मावा बाजार से लाने की बजाय घर पर बनाएं. यह ज्यादा ताजा और शुद्ध होता है और इससे मिठाई का स्वाद भी बेहतर होगा. दूध को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए गाढ़ा करें. जब तक वह मावे जैसा गाढ़ा न हो जाए, पकाते रहें. ध्यान रखें दूध कढ़ाई पर न चिपके.
ज्यादा मात्रा में न बनाएं
अगर आप पहली बार कोई मिठाई बना रहे हैं, तो कम मात्रा में बनाएं. इसका स्वाद और टेस्चर चेक करें. इससे इंग्रीडिएंट्स खराब नहीं होंगे और आप उसमें सुधार भी कर सकेंगे. मिठाई को एयरटाइट कंटेनर में रखें. मिठाई बनाते समय बर्तन और किचन की सफाई का विशेष ध्यान रखें.
ये भी पढ़ें: वो 5 भारतीय फूड्स जिनकी विदेशों में भी है खूब डिमांड
अपनाएं ये टिप्स
ज्यादातर मिठाइयों धीमी आंच पर पकाई जाती हैं. जिससे कि उनका स्वाद खराब न हो. खोया या बेसन को भूनते समय आंच कम रखें, वरना यह जल सकता है. घी में तले वाली मिठाइयां जैसे कि गुलाब जामुन को धीमी आंच पर ही तलें, ताकि वो अंदर तक ठीक से पक जाए. इसके साथ ही सही बर्तन का उपयोग करें.
ये भी पढ़ें: कितने कैरेट की ज्वेलरी रहती है टिकाऊ? दिवाली में सोना खरीदने से पहलें जान लें जरूरी बातें
