फर्जी डीएसपी बनकर की ठगी
बिहार के बेगूसराय में तेघरा थाने की पुलिस को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसकी तलाश पुलिस लंबे समय से कर रही थी. आरोपी अरुण कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जो अपने अपने आप को डीएसपी बताकर ठगी करता था. अरुण कुमार रिफाइनरी थाना क्षेत्र के मोसादपुर का रहने वाला है. पुलिस ने करण कुमार से पूछताछ शुरू कर दी है और उसके क्राइम रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
दरअसल, आरोपी करण कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लंबे समय से प्रयास कर रही थी. शुक्रवार को तेघरा थाने की पुलिस को इस मामले में सफलता मिली. आरोप है कि करण कुमार फर्जी डीएसपी बनकर ठगी का काम करता था और अपने आप को पहले एसआई और औरंगाबाद जिले में पोस्टेड बताता था. करण कुमार पर तेघड़ा थाना क्षेत्र के बनाहारा के रहने वाले अभिषेक कुमार ने मामला दर्ज करवाया था.
फर्जी डीएसपी बनकर ठगे लाखों रुपये
अभिषेक कुमार ने शिकायत में बताया था कि दरोगा बहाली के नाम पर उनसे चेक, ऑनलाइन पेमेंट और अन्य माध्यमों से करण कुमार ने 19 लाख 40000 रुपए लिए थे. अभिषेक कुमार के मुताबिक यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात करण कुमार से एक लाइन होटल पर हुई थी, जिस वक्त वह एक दरोगा की वर्दी में बाइक पर सवार था और बातचीत में उन्होंने अभिषेक कुमार के बेरोजगारी का फायदा उठाते हुए उसे दरोगा बहाली में उत्तीर्ण करने का लालच दिया. फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम उससे वसूली.
इसके बाद करण कुमार ने अभिषेक कुमार का मोबाइल फोन उठाना बंद कर दिया था. फिर अचानक से उनकी मुलाकात एक बार फिर गौरा के पास अरुण कुमार से हुई, जहां करण कुमार ने अभिषेक कुमार के साथ गाली गलौज की और जाति सूचक गाली भी दी थी. इस मामले के बाद अभिषेक कुमार ने करण कुमार के खिलाफ तेघरा थाने में ठगी और मानसिक प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाया था. शुक्रवार शाम तेघड़ा थाने की पुलिस को जानकारी मिली थी कि करण कुमार अपने घर पर ही मौजूद हैं. इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर करण कुमार को हिरासत में लिया.

