सरकारी कंपनियों में मिलेगा रोजगार
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केंद्र सरकार ने देश के पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए एक अहम फैसला लिया है. इस निर्णय के तहत पहली बार स्थानीय युवा इंजीनियरों को सरकारी सार्वजनिक उपक्रमों में अस्थायी नौकरी का अवसर दिया जाएगा. इसका उद्देश्य न केवल रोजगार उपलब्ध कराना है, बल्कि युवाओं को आधुनिक तकनीक, परियोजना प्रबंधन और जमीनी स्तर पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव देना भी है. इससे पहाड़ी राज्यों में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और पलायन की समस्या भी कम होगी.
स्थानीय इंजीनियरों को मिलेगा सरकारी कंपनियों में मौका
केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक कदम के तहत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) पहली बार स्थानीय इंजीनियरों की अस्थायी नियुक्ति करेगा. योजना के पहले चरण में फरवरी महीने में 64 सिविल इंजीनियरों की भर्ती की जाएगी. यह भर्ती केवल पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के स्थानीय स्नातक युवाओं के लिए आरक्षित होगी.
पहाड़ी इलाकों के विकास को मिलेगी रफ्तार
अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय इंजीनियर पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों, मौसम और पारिस्थितिकी को बेहतर ढंग से समझते हैं. ऐसे में उन्हें राष्ट्रीय राजमार्गों, सुरंगों और पुलों जैसी परियोजनाओं में शामिल करने से काम की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा. युवाओं को अत्याधुनिक तकनीक और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का अनुभव मिलेगा, जिसे वो भविष्य में राज्य सरकारों के साथ मिलकर अपने क्षेत्रों के विकास में उपयोग कर सकेंगे.
योग्यता क्या चाहिए?
आवेदन के लिए उम्मीदवार का संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का डोमिसाइल होना अनिवार्य है. सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक या समकक्ष डिग्री होना जरूरी है, जो IIT, NIT या NIRF रैंकिंग में इंजीनियरिंग श्रेणी के टॉप 100 संस्थानों से प्राप्त हो. फाइनल ईयर के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते नियुक्ति से पहले डिग्री पूरी कर लें. 0 से 2 वर्ष तक का कार्य अनुभव मान्य होगा.

