Patanjali Ayurvedic MedicineImage Credit source: AI Generated
बीते कुछ सालों में प्रदूषण की समस्या काफी बढ़ रही है. सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का लेवल काफी बढ़ जाता है. पॉल्यूशन के कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी जैसी बीमारियां भी बढ़ रही हैं. लंग्स में इंफेक्शन इनका कारण हैं. पतंजिल ने फेफड़ों से संबंधित समस्याओं के लिए एक दवा तैयार की है. इसका नाम श्वासारि वटी है. पतंजलि का दावा है कि ये दवा लंग्स के लिए फायदेमंद है. इसको आयुर्वेदिक जड़ी- बुटियों से बनाया गया है. इसको खाने से शरीर में कोई साइड इफेक्ट भी नहीं आता है.
श्वासारि वटी के बारे में पतंजलि का दावा है कि ये फेफड़ों की सफाई करने और सांस संबंधी समस्या में राहत दे सकती है. ये दवा ब्रॉन्कोडाइलेटर की तरह भी काम कर सकती है. ये लंग्स में इंफेक्शन को भी दूर करती है. इसको सेवन से फेफड़ों की क्षमता भी अच्छी होती है. पतंजलि के मुताबिक, इस दवा को बनाने में काकदासिंगी, अदरक की भस्म, मुलेठी, सोंठ और दालचीनी का इस्तेमाल किया गया है. दवा में स्फटिक भस्म और अन्य कई जड़ी बूटियां भी हैं.
इम्यूनिटी मजबूत करने का दावा
रिसर्च के मुताबिक, ये दवा शरीर में इम्यूनिटी को भी मजबूत करती है. इससे लंग्स में इंफेक्शन का रिस्क कम होता है. यह दवा लंग्स में जमा बलगम, कफ और सूजन को कम करती है. पतंजलि का दावा है कि जिन लोगों को अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या सीओपीडी जैसी समस्या है उनमें भी ये दवा राहत दे सकती है.
श्वासारि वटी को लेना का क्या तरीका है?
इस दवा की 1-1 गोली को सुबह खाली पेट और रात के खाने के पहले ले सकते हैं. हालांकिडोज मरीज की सेहत पर और स्थिति या डॉक्टर की सलाह के मुताबिक बदल सकती है. लेकिन अगर आप पहले से कोई ऐसी दवा खा रहे हैं जो फेफड़ों के लिए हैं तो पतंजलि की इस दवा को विकल्प के तौर पर यूज न करें. इस मामले में आप पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें. डॉक्टर के हिसाब से ही डोज बदलें या ट्रीटमेंट का तरीके बदलें. खुद से ये दवा बिलकुल न लें.
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