5 साल में दोगुना होंगी यूपी में ट्रेनें.
भारतीय रेलवे ने उत्तर प्रदेश के यात्रियों को नए साल से पहले बड़ा तोहफा दिया है. रेलवे बोर्ड के निर्देश पर अगले पांच सालों यानि 2030 तक पूर्वोत्तर रेलवे (NER) से निकलने वाली ट्रेनों की संख्या दोगुनी करने का मेगा प्लान तैयार हो गया है. खासतौर पर लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और इज्जतनगर जैसे प्रमुख केंद्रों से चलने वाली ट्रेनों में भारी इजाफा होगा. साथ ही उत्तर रेलवे के अंतर्गत चारबाग (लखनऊ), वाराणसी, अयोध्या सहित कई स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुविधाएं कई गुना बढ़ जाएंगी.
रेल मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य बढ़ती यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए रेल नेटवर्क को मजबूत करना है. देश के 48 प्रमुख शहरों में ट्रेनों की ओरिजिनेटिंग क्षमता दोगुनी की जाएगी, जिसमें उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेल हब शामिल हैं. पूर्वोत्तर रेलवे ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, नई रेल लाइनें, पिट लाइनें और मेंटेनेंस सुविधाएं विकसित की जाएंगी. शहरी क्षेत्रों में नए टर्मिनल बनाए जाएंगे.
मुख्य अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट्स
गोमतीनगर स्टेशन में अपग्रेडेशन का दूसरा फेज लगभग पूरा है. इससे लखनऊ की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी. ऐशबाग, बादशाहनगर और गोरखपुर स्टेशन का काम तेजी से चल रहा है. नई रेल लाइनें को खलीलाबाद-श्रावस्ती-बहराइच नई ब्रॉड गेज लाइन 2029 तक पूरी करने का लक्ष्य. यह पिछड़े इलाकों को जोड़ेगी. तीसरी और चौथी लाइन को गोरखपुर के रास्ते बाराबंकी से छपरा तक 425 किमी तीसरी लाइन बिछाई जाएगी. घाघरा घाट-बुढ़वल तक तीसरी लाइन (घाघरा नदी पर महत्वपूर्ण पुल सहित) पहले ही पूरी हो चुकी है.
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में चारबाग, वाराणसी, अयोध्या के अलावा दिल्ली, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, हरिद्वार और बरेली जैसे स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा. इन स्टेशनों पर इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा, ताकि ट्रेनों का संचालन दोगुना हो सके. चारबाग स्टेशन का रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट (420 करोड़ रुपये का) 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें नया एलिवेटेड कंकॉर्स और आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं.
भीड़ कम और सफर सुगम होगा
सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने कहा कि यह योजना यात्रियों की भीड़ कम करने और सफर को सुगम बनाने के लिए है. उत्तर प्रदेश में रेल नेटवर्क पहले से ही मजबूत हो रहा है. 100% इलेक्ट्रिफिकेशन, नए ट्रैक और अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत सैकड़ों स्टेशनों का कायाकल्प. यह बदलाव न केवल रोजाना लाखों यात्रियों की जिंदगी आसान बनाएगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और विकास को भी नई गति देगा. अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर जैसे धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी बढ़ने से श्रद्धालुओं को भी बड़ा फायदा होगा.

