यमुना नदी.
छठ पूजा से पहले यमुना नदी को लेकर दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी (DPCC) की एख चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार यमुना का पानी नहाने के लिए ठीक नहीं है. बता दें कि यमुना के पानी की जांच के लिए डीपीसीसी ने 9 अक्टूबर को इसका सैंपल लिया था. वहीं अब 23 अक्टूबर को जारी रिपोर्ट के मुताबिक यमुना का पानी में बीओडी और फेकल कोलीफॉर्म का स्तर बहुत अधिक है, जिसकी वजह से यह लोगों के स्नान और उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं है.
दरअसल दिल्ली में छठ पूजा को लेकर तैयारियां जोरो पर हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छठ पूजा की भव्य तैयारियों की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि वर्षों से यमुना नदी पर छठ पूजा पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया है. दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी लगातार सरकार पर निशाना साध रही है. वहीं डीपीसीसी की रिपोर्ट ने एक बार फिर विपक्ष को दिल्ली सरकार के घेरने का मौका दे दिया है.

आप पर झूठ फैलाने का आरोप
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में कई छठ घाटों का उद्घाटन किया और कहा कि इस साल यह त्योहार पूरी भव्यता से मनाया जाएगा.उन्होंने विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (आप) पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी के नेता झूठ फैला रहे हैं.आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष समेत पार्टी नेताओं ने शहर में छठ की तैयारियों को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोला है.
‘AAP ने सत्ता में 11 साल बर्बाद कर दिए’
रेखा गुप्ता ने कहा कि इस साल छठ की सुंदरता और भव्यता ऐसी होगी जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी. उन्होंने कहा कि हमारे काम में खामियां निकालने के लिए (सोशल मीडिया पर) वीडियो पोस्ट करने वाले कुछ भी कह सकते हैं लेकिन हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली में कोई विकास कार्य किए बिना सत्ता में 11 साल बर्बाद कर दिए.
CM ने छठ घाट का किया उद्घाटन
सीएम ने लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र में 70 लाख रुपए से निर्मित छठ घाट का उद्घाटन करते हुए कहा, झूठ फैलाना और प्रचार करना उनकी आदत है. लेकिन बीजेपी सरकार जो वादा करती है उसे पूरा करती है. अभी तो केवल आठ महीने हुए हैं और अब भी बहुत काम किया जाना बाकी है.उन्होंने त्योहार से जुड़ी तैयारियों का भी निरीक्षण किया और द्वारका क्षेत्र में दो छठ घाटों का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि शहर में 1500 छठ घाट तैयार किए जा रहे हैं, जबकि यमुना तट पर 17 स्थानों पर कई किलोमीटर लंबे हिस्से को उत्सव के लिए विकसित किया जा रहा है.
