आरके सिंह.
बिहार भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह को ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के आरोप में निलंबित कर दिया है. पार्टी ने उनसे एक सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है. भारतीय जनता पार्टी बिहार प्रदेश की तरफ से आर के सिंह को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है.
नोटिस में इस बात को बताया गया है कि आपकी गतिविधियों अनुशासनहीनता के दायरे में आती है. पार्टी को इससे काफी नुकसान हुआ है. चुनाव में बयानों की वजह से आरके सिंह सुर्खियों में रहे थे. उनकी कई ऐसे बयान थे, जो पार्टी लाइन से इतर थे, जिसकी वजह से उन्हें यह नोटिस दिया गया है.
दूसरी ओर, बिहार के एमएलसी अशोक अग्रवाल को भी पार्टी ने निलंबित कर दिया गया है. वो कटिहार के रहने वाले हैं. अशोक अग्रवाल के बेटे ने सौरभ अग्रवाल कटिहार विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था.
आरके सिंह को पार्टी ने भेजा नोटिस, मांगा जवाब
भाजपा ने सुबह आरके सिंह को भेजे एक नोटिस में कहा, “आप पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं. यह अनुशासन के दायरे में आता है. पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है. इससे पार्टी को नुकसान हुआ है. इसलिए, निर्देशानुसार, आपको पार्टी से निलंबित किया जा रहा है और यह बताने के लिए कहा गया है कि आपको पार्टी से निष्कासित क्यों न किया जाए. इसलिए, कृपया यह पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर अपनी स्थिति स्पष्ट करें.”
चुनाव में हार के बाद से खफा हैं आरके सिंह
बिहार के आरा से पूर्व सांसद सिंह 2024 का चुनाव हारने के बाद से भाजपा और सरकार की आलोचना करते रहे हैं. वह एनडीए नेतृत्व पर सवाल उठा रहे थे और बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगा रहे थे.
पूर्व राजनयिक, आरके सिंह, मनमोहन सिंह के कार्यकाल में गृह सचिव थे. वे 2013 में भाजपा में शामिल हुए और 2014 और 2019 में आरा से दो बार सांसद चुने गए. 2017 में, उन्हें मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में ऊर्जा मंत्री बनाया गया. 2024 के लोकसभा चुनाव में वे अपनी सीट हार गए.

