ऋषि पराशर मंदिरImage Credit source: Instagram/anandrkrishnan or himachal_pictures
हिमाचल को “देवभूमि” और “वीर भूमि” भी कहा जाता है. यहां पर बहुत ही सुंदर ऐतिहासिक और धार्मिक जगह हैं. यहां सर्दी के मौसम में पहाड़ चारों तरफ से बर्फ की सफेद चादर से ढके हुए रहते हैं. ऐसे में कई लोग यहां घूमने जाने का प्लान बनाते हैं, खासकर दिल्ली में रहने वाले ज्यादातर लोग छुट्टियां बिताने के लिए हिमाचल जाते हैं. यहां पर शिमला, मनाली, कुल्लू, डलहौजी, मैक्लोडगंज, धर्मशाला, कसोल, और स्पीति घाटी जैसी कुछ जगह ट्रैवलिंग के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं.
हिमाचल में कई प्रसिद्ध धार्मिक जगहे हैं जैसे कि चिंतपूर्णी मंदिर, ज्वालाजी मंदिर, नैना देवी मंदिर, हिडिंबा देवी मंदिर, हिडिंबा देवी मंदिर और बगलामुखी मंदिर. जहां दर्शन के लिए भक्तों की भारी भिड़ देखने को मिलती है. इसके अलावा भी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले पराशर मंदिर स्थित है. जिसकी बहुत मान्यता है. आप अगर मंडी जा रहे हैं, तो यहां भी दर्शन करने जरूर जाना चाहिए.
ऋषि पराशर मंदिर
ऋषि पराशर मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी में पराशर झील के किनारे स्थित एक प्राचीन पैगोडा-शैली का मंदिर है. जो ऋषि पराशर को समर्पित है. मंदिर में ऋषि पराशर की मूर्ति के साथ ही भगवान विष्णु, शिव और महिषमर्दिनी देवी की प्रतिमाएं भी मौजूद हैं. यह मंदिर पिरामिड के आकार की पैगोडा शैली में बना है. पैगोडा शैली में बने मंदिरों में 3 से चार मंजिल होती है जिनकी छले एक के ऊपर एक होती है और ऊपर की ओर मुड़ी हुई होती हैं. जून के महीने में यहां पर सरनौहाली मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें मंडी और कुल्लू जिलों की बड़ी संख्या में स्थानीय लोग हिस्सा लेते हैं.
मंदिर पर की गई लकड़ी की नक्काशी लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं. यह मंदिर 13-14 वीं शताब्दी में राजा बाण सेन द्वारा बनाया गया था. कहा जाता है कि मंजिल एकल देवदार पेड़ का उपयोग कर बनाया गया था. हिमालय की विशाल पहाड़ियों से घिरी एक शांत जगह है. मंदिर के साथ पराशर झील के किनारे का दृश्य बहुत ही मनमोहक होता है. इस झील की गहराई आजकल पता नहीं चल पाई है, जो इसे रहस्यमय बनाती है.
दिल्ली से यह 430 किलोमीटर दूर है. यह चंडीगढ़ से 178 किमी की दूरी पर है. आप इन न्यू ईयर पर यहां जाने का प्लान बना सकते हैं. पराशर झील के किनारे पर स्थित यह मंदिर मंडी शहर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर है. जो 2730 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यहां पराशर झील, घने जंगल और धौलाधर के बर्फ से ढके हुए पहाड़ों का मनमोहक दृश्य देखने को मिलता है. दिसंबर से फरवरी के बीच यहां पर आपको बर्फबारी देखने को मिल सकती है.
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कैसे पहुंचें?
मंडी शहर से पराशर झील लगभग 50 किलोमीटर दूर है. ऐसे में आप मंडी से पराशर झील तक एचआरटीसी बस ले सकते हैं. बस ध्यान रखें कि यहां तक पहुंचते समय सड़के थोड़ी खड़ी और संकरी हो जाती है. इसलिए यहां बस से पहुंचने में लगभग 2 से 3 घंटे नॉर्मली लग सकते हैं. आप अपनी कार या फिक टैक्सी से यहां पहुंच सकते हैं. मंडी के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है, ऐसे में यहां पहुंचने के लिए आप चंडीगढ़ तक ट्रेन ले सकते हैं और फिर मंडी के लिए बस या टैक्सी ले सकते हैं. कुल्लू के भुंतर हवाई अड्डा से आप पराशर तक के लिए टैक्सी ले सकते हैं.
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