अनंत सिंह.
मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस ने पूर्व विधायक और एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह को अरेस्ट कर लिया है. बता दें कि पटना एसएसपी की टीम ने बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट पहुंचकर अनंत सिंह को हिरासत में लिया है. अब उन्हें बाढ़ से पटना लेकर जाया जा रहा है.
हालांकि पहले बताया जा रहा था कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी अनंत सिंह पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं. इसी सूचना के बाद पटना एसएसपी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम अनंत सिंह के घर पहुंची थी.
#BiharElections2025 | Dularchand Yadav murder case | JDU leader Anant singh has been arrested by Patna Police, confirms Patna SSP. pic.twitter.com/AYupyU3ySS
— ANI (@ANI) November 1, 2025
अनंत सिंह पर पहले कार्रवाई करते तो बेहतर होता
दुलारचंद यादव हत्याकांड में मोकामा से जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर जन सुराज पार्टी के मोकामा से उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने एएनआई से टेलीफोन पर बातचीत में कहा, यह एक अच्छा कदम है, लेकिन अगर वे पहले कार्रवाई करते तो बेहतर होता. अनंत सिंह शनिवार को 50 वाहनों के काफिले में घूम रहे थे और चुनाव प्रचार में भी शामिल हुए. जब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, तो उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर लिया जाना चाहिए था. लेकिन देर आए दुरुस्त आए. अब महत्वपूर्ण यह है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कैसे करती है. यह उनके परिवार के लिए राहत की बात है.

EC ने पटना एसपी ग्रामीण पर की कार्रवाई
इससे पहले निर्वाचन आयोग (EC) ने बिहार के मोकामा में चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा पर कड़ा रुख अपनाते हुए शनिवार को पटना के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) का ट्रांसफर और तीन अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया. इस हिंसा में गैंगस्टर से नेता बने दुलार चंद यादव की मौत हो गई थी.
सीआईडी कर रही हत्याकांड की जांच
दुलारचंद यादव की हत्या के बाद से बिहार में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. वहीं बिहार पुलिस की सीआईडी ने इस हत्याकांड की जांच का जिम्मा संभाल लिया है. सीआईडी डीआईजी जयंतकांत ने खुद घटनास्थल पहुंचकर जांच पड़ताल की.
एफएसएल टीम ने जुटाए अहम सबूत
जांच के दौरान बसावन चक के घटनास्थल से एफएसएल टीम ने कई अहम सबूत जुटाए. वहीं जो गाड़ियां घटना के दौरान क्षतिग्रस्त हुई थीं, उनसे भी साक्ष्य इकट्ठा किए गए. साथ ही पत्थरों के सैंपल भी लिए गए हैं, जिनसे अनंत सिंह के काफिले पर हमला हुआ था. इसमें खास बात यह है कि इन पत्थरों का इस्तेमाल रेलवे ट्रैक पर होता है और आमतौर पर ये मोकामा टाल में नहीं पाए जाते हैं. ऐसे में पुलिस को इस घटना की पहले से प्लानिंग की आशंका है.
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