मुख्य आरोपी अरेस्ट
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दिवाली की जगमगाती रात में जब पूरा शहर खुशियों में डूबा हुआ था, उसी वक्त सरसावा इलाके में एक खौफनाक प्लान को अंजाम दिया जा रहा था. राधा स्वामी कॉलोनी निवासी अमित उर्फ काला की उसी रात लोहे की रॉड और सरिए से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. दिवाली की रात हुई इस हत्या ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया था. वारदात के बाद इलाके में सनसनी और लोगों में आक्रोश फैल गया था.
BKU प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत भी मृतक अमित उर्फ काला के घर पहुंचे थे और इस हत्याकांड पर पुलिस से नाराजगी दिखाई थी. पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती था, लेकिन अब इस हत्याकांड का लगभग पूरा खुलासा हो गया है. पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन फरार चल रहे हैं. इनकी तलाश की जा रही है. पुलिस ने हत्या के तीन मुख्य साजिशकर्ताओं को मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है.
सुमित ने बनाया था हत्या का प्लान
वहीं, दो को पहले ही पकड़ा जा चुका है. जांच में सामने आया है कि हत्या की पूरी साजिश पेशे से वकील सुमित बोध ने रची थी. सुमित ने अपने साथी आदर्श, ईशु, परगत और अर्जुन मोगा के साथ मिलकर अमित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. सुमित की अमित से पुरानी रंजिश थी और वह कई दिनों से मौके की तलाश में था. दिवाली से एक दिन पहले सुमित ने अपने साथियों को बुलाकर कहा था कि दिवाली की रात पटाखों के शोर में किसी को कुछ सुनाई नहीं देगा, यही मौका है अमित से बदला लेने का.
तय योजना के मुताबिक दिवाली की रात करीब साढ़े दस बजे सभी आरोपीयो ने अमित से झगड़ा करने के बहाने उसे घेर था.
जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने अचानक हमला बोल दिया. लोहे की रॉड कटर और सरिए से वार करते हुए उन्होंने कुछ ही मिनटों में अमित की को बुरी तरह घायल कर दिया. इसके बाद गंभीर रुप से घायल अमित को हायर सेंटर भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई.
‘दुशमनी अधूरी रह जाएगी’
वारदात के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पहले दो आरोपी आदर्श और सुमित बोध को गिरफ्तार किया गया. दोनों से हुई पूछताछ में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए. आदर्श ने बताया कि सुमित ने ही हत्या की योजना बनाई थी और कहा था कि अगर इस बार मौका चूक गए तो दुश्मनी अधूरी रह जाएगी. वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और काली स्प्लेंडर बाइक पुलिस ने बरामद की है.
मुठभेड़ के बाद तीन आरोपी अरेस्ट
इस बीच सरसावा और नकुड़ पुलिस की टीमों ने सोमवार सुबह संयुक्त अभियान चलाकर फरार चल रहे तीन शातिर अपराधियों ईशु, परगत और अर्जुन मोगा को मुठभेड़ के दौरान पकड़ लिया. पुलिस के अनुसार तीनों बदमाशों ने गिरफ्तार होने से पहले फायरिंग की थी, जिसमें जवाबी कार्रवाई में उनके पैरों में गोली लगी. उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल भेजा गया है. पुलिस ने तीनों के कब्जे से तमंचे, कारतूस, बिना नंबर की बाइकें और हत्या में इस्तेमाल लोहे के औजार (कटर और दांव) बरामद किए हैं.
तीनों ही आरोपी दस-दस हजार रुपये के इनामी घोषित थे और इनके खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं और तीन अन्य की तलाश जारी है. पुलिस लगातार कॉम्बिंग कर रही है, सभी फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी. किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा.
