जेपी गंगा पथ फेज-2
बिहार के पटना शहर को बक्सर और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से तेज और सुरक्षित कनेक्टिविटी देने वाला जेपी गंगा पथ फेज-2 का निर्माण कार्य इस दिसंबर से शुरू होने जा रहा है. यह परियोजना दीघा से शुरू होकर शेरपुर होते हुए कोईलवर के पास सोन नदी पर बने आधुनिक पुल से जुड़ेगी. कुल 35.65 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर लगभग 5500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
यह सड़क 18 किलोमीटर तक एलिवेटेड संरचना में बनाई जाएगी, जिससे शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में तेज़ और बाधारहित यातायात सुनिश्चित किया जा सकेगा. बिहार राज्य पथ विकास निगम (BRPNN) के अनुसार यह सड़क ‘हम’ मॉडल (Hybrid Annuity Model) पर विकसित की जाएगी.
15 वर्षों तक सड़क का रखरखाव एजेंसी करेगी
निर्मित सड़क का रखरखाव भी अगले 15 वर्षों तक निर्माण एजेंसी ही करेगी. कार्य पूरा होने के बाद सरकार एजेंसी को 60 प्रतिशत राशि ब्याज सहित 15 वर्षों में वापस करेगी. 3300 करोड़ की राशि एजेंसी और 40 प्रतिशत यानी 2200 करोड़ राज्य सरकार खर्च करेगी. सड़क के वार्षिक रखरखाव का भुगतान राज्य सरकार अलग से करेगी, जिसकी दरें अभी तय नहीं हुई हैं. निगम ने चयनित एजेंसी को निर्माण सामग्री साइट पर पहुंचाने और जल्द कार्य शुरू करने का निर्देश दे दिया है. पूरा काम लगभग चार साल में समाप्त करने का लक्ष्य है.
पांच प्रमुख गंगा पुलों से होगी सीधी कनेक्टिविटी
जेपी गंगा पथ फेज-2 का सबसे बड़ा लाभ इसकी मल्टी-लेयर कनेक्टिविटी है. इस नए मार्ग से पांच प्रमुख गंगा पुलों तक सीधी पहुंच बनेगी.
- दीघा सेतु
- शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल
- वीर कुंवर सिंह सेतु
- जनेश्वर मिश्र सेतु
- बक्सर-गाजीपुर गंगा पुल
इसके साथ सोन नदी पर बनाए गए कोईलवर ब्रिज की सीधी कनेक्टिविटी से भी पश्चिम बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की यात्रा सुगम होगी. गंगा पथ फेज-2 तैयार होने के बाद पटना से बक्सर का सफर 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पूरा किया जा सकेगा. बक्सर से सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश संभव होने से दिल्ली आना-जाना काफी सरल और तेज़ होगा. यह परियोजना न सिर्फ राजधानी पटना को नए विकास आयाम देगी, बल्कि बिहार और पूर्वांचल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी.

