राजस्थान डिप्टी सीएम दिया कुमारी
राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी के खिलाफ निराधार खबरें चलाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने के मामले में जयपुर मेट्रो प्रथम की एडीजे कोर्ट-6 ने तीन यूटूबर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. इन यूटूबर की पहचान आनंद पांडे, हरीश दिवेकर और जिनेश जैन के तौर पर हुई है. जमानत याचिक खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि मामले में लगाए गए आरोप काफी गंभीर हैं और पुलिस की जांच भी अभी बाकी है.
ऐसी स्थिति में आरोपियों को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती. वही जमानत अर्जी में आरोपियों की तरफ से कहा गया था कि उन पर लगाए तमाम आरोप झूठे और गलत हैं. पुलिस ने परिवादी से मिलीभगत कर राजनीतिक दबाव के चलते उन्हें गलत तरीके से इस केस में शामिल किया है. आरोपियों ने कहा कि वह परिवादी को जानते तक नहीं है और उन्होंने निष्पक्ष और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग की है. इसलिए अग्रिम जमानत दी जाए.
आरोपियों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. परिवादी के एडवोकेट विवेक बाजिया और स्नेहदीप ख्यालिया ने बताया कि कोर्ट ने तमाम दलीलें सुनने के बाद तीनो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की है. पुलिस के अनुसार 28 सितम्बर 2025 को डिप्टी सीएम दिया कुमारी के कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने जयपुर के थाना करणी विहार थाने में एक रिपोर्ट दी थी.
5 करोड़ की मांग
इस रिपोर्ट में बताया गया था कि यूटूब चैनल चलाने वाले आनंद पांडे और हरीश दिवेकर नाम के दो व्यक्ति राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी के खिलाफ लगातार एक दर्जन से ज्यादा निराधार, तथ्यहीन और झूठी खबरे चला रहे हैं. दोनो आरोपियों से जब संपर्क किया गया तो भविष्य में झूठी खबरे प्रसारित नहीं करने और और प्रसारित खबरों को हटवाने की एवज में 5 करोड़ की डिमांड की.
छवि खराब करने की दी थी धमकी
आरोपियों ने धमकी देकर कहा कि अगर पैसे नही दिए तो हम डिप्टी सीएम दिया कुमारी की राजनीतिक और सामाजिक छवि को पूरी तरह धूमिल और नष्ट कर देंगे. इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जांच की और गवाहों के बयान के आधार पर तकनीकी डेटा प्राप्त किया. इसके बाद करणी विहार थाना एसएचओ हवा सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर 17 अक्टूबर को दो आरोपी आनंद पांडे और हरीश दिवेकर को भोपाल से डिटेन किया और जयपुर लेकर आया गया.
कोर्ट ने खारिज की यूटूबर्स की जमानत
पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की और सबूत-साक्ष्य पेश करने और दोबारा पूछताछ के लिए बुलाने की बात कहकर उन्हें छोड़ दिया. पुलिस ने जांच करने के बाद दोनों यूट्यूबर के एक अन्य साथी जिनेश जैन को भी आरोपी बनाया था. पूछताछ से बचने और गिरफ्तार होने के डर से तीनों आरोपियों ने जयपुर की मेट्रो प्रथम की एडीजे 6 में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि यह गंभीर अपराध की श्रेणी में है, इसलिए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती.
आरोपियों ने 5 करोड़ की रकम नहीं देने पर ‘ऑपरेशन डिस्ट्रॉय दिया’ चलाकर राजस्थान की डिप्टी सीएम दिया कुमारी की राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसाने पहुंचाने की धमकी थी दी. वहीं सूत्रों के मुताबिक, डिप्टी सीएम के कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने पुलिस को कुछ वीडियो एविडेंस भी दिए हैं, जिनके आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को भोपाल से हिरासत में लिया था. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
