पोस्टपार्टम केयर के टिप्सImage Credit source: pexels
बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर में कमजोरी तो आती ही है. इसके अलावा इस दौरान कई और प्रोसेस भी चल रहे होते हैं जैसे लोचिया यानी आफ्टर डिलीवरी की पीरियड साइकिल, यूट्रस टिश्यूज में सिकुड़न, हार्मोनल चेंज होना. ऐसे में शरीर को सामान्य होने में कई हफ्तों का समय लगता है और अगर इस दौरान फिजिकल के साथ मेंटल हेल्थ का ख्याल न रखा जाए तो कई लॉन्ग टर्म दिक्कतें भी हो सकती हैं. इस दौरान शरीर महिलाओं का काफी कमजोर हो जाता है.पहले के टाइम में दादी-नानी गर्म पानी पीना, सिर पर कपड़ा बांधकर रखना, फर्श पर नंगे पैर न चलना जैसी कई चीजों पर काफी ध्यान देती थीं और खाने में भी इस दौरान कई तरह के पारंपरिक व्यंजन शामिल किए जाते हैं, लेकिन क्या ये सारी चीजें बिल्कुल सही हैं या फिर नहीं. दरअसल आज के समय में कई बार सभी को लगता है कि ये थोड़ी पुरानी बातें हो गई हैं. ऐसे में हमने डॉक्टर से इस बारे में बात की है.
जब कोई महिला बच्चे को जन्म देती है तो उस दौरान उसे शरीर में कई हड्डियों के टूटने के बराबर दर्द महसूस होता है, लेकिन इसी के साथ खुशियां भी आती हैं. इस एक्साइटमेंट में और जिम्मेदारियों के बीच खुद का ख्याल रखना नहीं भूलना चाहिए. बच्चे के जन्म के बाद पीरियड साइकिल भी लंबी चलती है, जिसकी वजह से शरीर को ज्यादा पोषण और एक्स्ट्रा केयर चाहिए होती है. चलिए जान लेते हैं कि दादी-नानी की बताई गई बातें डॉक्टर के हिसाब से कितनी सही होती हैं.
ठंड से बचना है जरूरी
फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर डीके गुप्ता पोस्ट डिलीवरी दादी-नानी के द्वारा की जाने वाली देखरेख के तरीकों को लेकर बात करते हैं कि डिलीवरी के बाद ठंड से बचना बेहद जरूरी होता है, इसलिए नंगे पैर फर्श पर चलने से बचना चाहिए, क्योंकि शरीर को आराम के साथ गर्माहट भी चाहिए होती है. इसी तरह से गुनगुना पानी सेहत के लिए अच्छा रहता है, लेकिन बहुत ज्यादा गर्म पानी पीने से बचें.
सिर पर कपड़ा बांधकर रखना
इस बारे में डॉक्टर का कहना है कि डिलीवरी के बाद दादी-नानी सिर ढकने को कहती हैं जो एक तरह से सही भी है. जैसे नहाने के बाद सिर ढकने का फायदा ये होता है कि आप सर्दी जुकाम और कोल्ड से बच जाते हैं, लेकिन कुछ बातों में सख्ती करना गलत है. जैसे हर समय सिर ढके रखना भी बहुत ज्यादा जरूरी नहीं होता है. न ही इसका कोई वैज्ञानिक तथ्य है. अगर बाहर जा रही हैं और ठंडी हवा चल रही है तो सिर ढकना आवश्यक है.
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एसी-पंखा चलाएं या नहीं
दादी-नानी शरीर को ठंड और हवाओं से बचाकर रखने की सलाह देती हैं और इसी वजह से कई बार डिलीवरी के बाद महिलाओं के कमरे की एसी और पंखा बंद कर दिए जाते हैं. डॉक्टर कहते हैं कि ये भी सही नहीं होता है. हमें बस ये ध्यान रखना है कि रूम का टेम्परेचर 27-28 डिग्री रहना चाहिए. इससे ज्यादा या इससे कम नहीं होना चाहिए. उसके लिए पंखा या एसी चला सकते हैं.
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खाने से जुड़ी बातें
महिला जब बच्चे को जन्म देती है तो इस दौरान शरीर को मजबूत बनाने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए, लेकिन ये सुपाच्य भी हो ये जरूरी है. डॉक्टर इसको लेकर कहते हैं कि इस दौरान बहुत ज्यादा कैलोरी वाला खाना नहीं खाना चाहिए. जैसी हरीरा वगैरह में बहुत ज्यादा तेल, घी मसाले डाल दिए जाते हैं और इसके अलावा भी कैलोरी वाली बहुत सारी चीजें बनाई जाती हैं जिससे इनडाइजेशन हो सकता है.
दादी-नानी की बातें
डिलीवरी के बाद की देखभाल को लेकर एक्सपर्ट कहते हैं कि दादी-नानी की बहुत सारी बातें काफी हद तक सही होती हैं, लेकिन हर चीज को आंख बंद करके नहीं मानना चाहिए, बल्कि साइंटिफिक रीजन को भी समझना जरूरी है. मेडिकल कंडीशन के हिसाब से डाइट को लेकर और रहन-सहन से जुड़ी कुछ चीजों के बारे में एक्सपर्ट से बात की जा सकती है.
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