भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR)Image Credit source: ICMR/Facebook
ICMR यानी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद अब भारत के बच्चों और किशोरों के लिए नॉर्मल हेल्थ पैरामीटर्स तय करने जा रहा है. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि डॉक्टर सही तरीके से बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर सकें. अक्सर अब तक जो नॉर्मल रेंज इस्तेमाल होती थी, वह विदेशों के डेटा पर आधारित थी. लेकिन भारत के बच्चों की लाइफस्टाइल, खानपान और पर्यावरण अलग है, जिससे इनके लिए अलग हेल्थ मानक तय करना जरूरी है.
इस अध्ययन में अलग-अलग उम्र के स्वस्थ बच्चों और किशोरों से डेटा इकट्ठा किया जाएगा, जैसे ब्लड टेस्ट, शरीर के अंगों का विकास, पाचन और अन्य स्वास्थ्य संकेत. इससे यह पता चलेगा कि बच्चों और किशोरों में कौन-से पैरामीटर्स सामान्य हैं और कौन-से नहीं. आइए जानते हैं कि यह प्रोजेक्ट कैसे काम करेगा और इससे क्या फायदे होंगे.
भारत के बच्चों के लिए जरूरी कदम
अभी डॉक्टर अक्सर विदेशों के डेटा के आधार पर टेस्ट रिजल्ट को नॉर्मल या अननॉर्मल मानते हैं. भारत के बच्चों का खानपान, लाइफस्टाइल और पर्यावरण अलग है. उदाहरण के लिए, पोषण, विटामिन्स और मिनरल्स की मात्रा विदेशों के बच्चों से अलग होती है.
ऐसे में विदेशों के नॉर्मल रेंज पर भरोसा करना सही नहीं होता. इस कारण भारत-विशेष नॉर्मल रेंज तैयार करना जरूरी है. इससे डॉक्टर सही डायग्नोसिस कर पाएंगे, गलत रिपोर्ट या अनावश्यक इलाज से बचा जा सकेगा और बच्चों की सेहत से जुड़ा सही डेटा भी मिल सकेगा.
डेटा कैसे इकट्ठा होगा?
देश के 11 बड़े मेडिकल इंस्टीट्यूट्स, जैसे AIIMS दिल्ली, भोपाल, गुवाहाटी, जोधपुर, कल्याणी आदि से स्वस्थ बच्चों और किशोरों का डेटा लिया जाएगा. इसमें उनकी उम्र, वजन, ब्लड टेस्ट, पाचन संबंधी और अन्य स्वास्थ्य जांच शामिल होगी.
डेटा एकत्र करने का उद्देश्य भारत के बच्चों के लिए सटीक नॉर्मल हेल्थ पैरामीटर्स तय करना है, ताकि भविष्य में डॉक्टर इन्हें अपनाकर सही उपचार और सलाह दे सकें.
डॉक्टर और बच्चों को क्या फायदा होगा?
इस अध्ययन से यह पता चलेगा कि ब्लड टेस्ट और अन्य हेल्थ चेकअप में सही नॉर्मल वैल्यू क्या होनी चाहिए. इससे बच्चों और किशोरों में संभावित बीमारियों का सही समय पर पता लगाया जा सकेगा. डॉक्टर बेहतर डायग्नोसिस कर पाएंगे और अनावश्यक इलाज से बचा जा सकेगा.
साथ ही यह डेटा स्वास्थ्य नीति बनाने और बच्चों के पोषण और विकास के लिए योजना तैयार करने में भी मदद करेगा.

