भारत-ईयू FTA के समय पीयूष गोयल
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार को लेकर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि दोनों देश अब द्विपक्षीय व्यापार की बातचीत को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं, क्योंकि अब कोई भी दोनों देशों के बीच इस विषय से जुड़ा हुआ कोई मुश्किल मुद्दा हल करने के लिए नहीं बचा है.
भारत और EU के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत के सही नतीजे पर खत्म होने के तीन दिन बाद पीयूष गोयल ने नई दिल्ली की ट्रेड स्ट्रेटेजी में एक बड़े बदलाव के बारे में बताया जानकारी दी. उन्होंने पुराने समय की संरक्षणवादी हिचकिचाहट से लेकर भविष्य की $30 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था के लिए आत्मविश्वास से भरी बातचीत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर आपको एक विकसित देश बनना है तो आपको विकसित दुनिया के साथ जुड़ना होगा, आप अकेले नहीं रह सकते.
‘संवेदनशील मुद्दों को एक तरफ रखेंगे’
पीयूष गोयल ने कहा कि 2024 में थोड़ी ढिलाई आई क्योंकि हमारे यहां चुनाव हुए, फिर उनके यहां चुनाव हुए. सितंबर-अक्टूबर (2024) के आसपास, जब उनकी नई सरकार आई तो उन्होंने अपने पुराने अच्छे दोस्त और सेवारत कमिश्नर मारोश शेफकोविच को नियुक्त किया, जो एक बहुत अनुभवी व्यक्ति हैं. उन्होंने हमसे कहा कि उन्हें इसलिए नियुक्त किया जा रहा है क्योंकि यही वो शख्स है जो हमें फिनिशिंग लाइन तक पहुंचा सकते हैं. यह लगभग एक साल और चार महीने पहले की बात है. वह मुझसे व्यक्तिगत रूप से 10 बार मिले, तो उनकी प्रतिबद्धता शुरू से आखिर तक थी और वे हमारी मुश्किलों के प्रति संवेदनशील थे.
संवेदनशील मुद्दों को संभालने का तरीका को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह उन पहली चीजों में से एक थी जो हमने तय की थी कि दोनों पक्ष संवेदनशील मुद्दों को एक तरफ रखेंगे. उनके भी अपने संवेदनशील मुद्दे थे. हमने कहा है कि ये इस साल 2026 में होगा. इसमें लीगल स्क्रूटनी होगी. आम तौर पर इसमें चार महीने लगते हैं. फिर, इसे उनकी संसद में जाना होगा. जर्मन चांसलर ने हाल ही में कहा कि चीन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनल मार्केट बनाने के लिए समझौते को जितनी जल्दी हो सके पूरा किया जाना चाहिए. मुझे लगता है कि वे काफी हद तक सहमत हैं.
‘पहले और आज के भारत में है बड़ा फर्क’
पीयूष गोयल ने कहा कि पहले और आज में सबसे बड़ा फर्क यह है कि भारत अब एक इज्जतदार देश है. लोग यहां पॉलिटिकल स्टेबिलिटी, मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी और मजबूत लीडरशिप देखते हैं. वे भारत के टैलेंट और स्किल को पहचानते हैं. इसलिए, अब दूसरी तरफ से भी भारत के साथ बिज़नेस करने और जुड़ने की उतनी ही चाहत और इच्छा है.
उन्होंने कहा कि भारत अब ताकत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है. पहले हम मौजूदा इकॉनमी पर बातचीत करते थे, जो एक गलत स्ट्रैटेजी थी. PM नरेंद्र मोदी ने इसे बदल दिया है. मोदीजी ने कहा है कि आप भविष्य के FTA पर बातचीत कर रहे हैं. बीता हुआ समय मायने नहीं रखता. आज की भारत की $4 ट्रिलियन की इकॉनमी मायने नहीं रखती. 2047 में हमारी $30 ट्रिलियन की इकॉनमी है, जिस पर आप बातचीत कर रहे हैं.

