राजस्थान के टोंक से शिक्षा विभाग की लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लतीफगंज, टोंक में पदस्थ रही महिला टीचर पिंकी मीणा पर चार साल पूरी तरह अनुपस्थित रहने का आरोप लगा है. इतना ही नहीं महिला टीचर पर आठ साल में कई बार बिना जानकारी के स्कूल से गायब रहने का आरोप है. वहीं इन सबके बाद भी उसे 24 लाख 76 हजार 520 रुपए वेतन, समर्पित वेतन और बोनस के रूप में मिला, जिसको लेकर अब सवाल उठ रहे हैं.
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एवं पदेन बीआरसीएफ समग्र शिक्षा ब्लॉक, टोंक ने इस संबंध में 29 अक्टूबर को कोतवाली थाने में परिवाद दर्ज कराया. जिसमें तत्कालीन भुगतानकर्ता (आरहण वितरण अधिकारी व तत्कालीन बीईईओ) रामरतन बैरवा को भी आरोपी बनाया गया है. अधिकारियों ने कहा कि मामले की शिकायत कर जांच कराई जाएगी. किसी को भी नियमों को खिलाफ काम करने की इजाजत नहीं है. जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि 2006 से 2014 तक की अवधि में पिंकी मीणा को नियमित वेतन और बोनस का भुगतान किया गया. जबकि 2010 से वह पूरी तरह स्कूल से अनुपस्थित रहीं. इसके बावजूद उनके बैंक खाते में वेतन जाता रहा, जिसे उन्होंने एटीएम से निकाला. फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.
महिला टीचर पहले ही हो चुकी है बर्खास्त
वहीं सीबीईओ लाली जैन ने बताया कि विभागीय आदेश के अनुसार ही यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. आरोपी महिला टीचर पिंकी मीणा पहले ही बर्खास्त की जा चुकी हैं, जबकि तत्कालीन बीईईओ रामरतन बैरवा सेवानिवृत्त हो चुके हैं. फिलहाल पिंकी मीणा कहां हैं, इसकी जानकारी विभाग को नहीं है. हालांकि इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है. जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

