झालावाड़ कलेक्टर टीना डाबी
राजस्थान के झालावाड़ जिले की पुलिस ने सरकारी योजनाओं में हो रही करोड़ों रुपए की साइबर ठगी का बड़ा पर्दाफाश किया है. इस बड़े गिरोह को सामने लाने के लिए पुलिस ने’ऑपरेशन शटर डाउन’ चलाया जिसमें दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, दौसा और जोधपुर जिलों से छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. जबकि दो अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस अब तक इस पूरे नेटवर्क से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सरकारी तंत्र से जुड़े कई लोग शामिल हैं. इनमें कुछ आरोपी राज्य नोडल कार्यालय के ऑपरेटर हैं, जबकि कुछ कलेक्टर कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारी रह चुके हैं. जांच में सामने आया है कि इन लोगों ने केंद्र और राज्य सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाओं के पोर्टल्स में सेंध लगाई थी और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की.
पुलिस को आरोपियों से बड़ी मात्रा में डिजिटल डिवाइस, कंप्यूटर, मोबाइल और संदिग्ध डेटा बरामद हुआ है. जांच में पता चला है कि इन साइबर ठगों ने देश के कई राज्यों में लाखों लाभार्थियों की फर्जी आईडी बनाकर योजनाओं का पैसा हड़प लिया. यहां तक कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी कई फर्जी किसानों के नाम पर भुगतान करवाया गया.
टीना डाबी की सरकारी ID भी हैक
पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि आरोपियों ने बाड़मेर की कलेक्टर टीना डाबी की सरकारी आईडी और पासवर्ड तक हैक कर लिया था. इस हैक की गई आईडी का उपयोग करके ये लोग फर्जी लाभार्थियों को योजनाओं में स्वीकृति दिलाते थे. अभी तक राजस्थान के बारमेर, नागौर, झालावाड़ और भरतपुर जिलों में सरकारी योजनाओं में सेंधमारी की पुष्टि हुई है.
पूरे देश में फैला गैंग
एसपी अमित कुमार ने बताया कि यह गिरोह अत्यंत संगठित तरीके से काम करता था और पूरे देश में फैला हुआ था. पुलिस टीम लगातार अन्य राज्यों की एजेंसियों से संपर्क में है ताकि नेटवर्क के बाकी सदस्यों को भी पकड़ा जा सके. उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से जुड़े ऐसे मामलों में आम नागरिकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी संदिग्ध वेबसाइट या कॉल की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी चाहिए. झालावाड़ पुलिस का यह अभियान जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है.
