जिम सप्लीमेंट Image Credit source: Getty Images
जिम करने वाले कई लोग प्रोटीन पाउडर, क्रिएटिन, BCAA जैसे सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं ताकि मसल्स जल्दी ग्रो हों, रिकवरी अच्छी हो और ट्रेनिंग में परफॉर्मेंस बेहतर मिले. वर्कआउट के दौरान हमारी मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है, जिससे उनके टिश्यू प्रभावित होते हैं. इन्हें रिपेयर करने के लिए शरीर को ज्यादा प्रोटीन, अमीनो एसिड और कुछ न्यूट्रिएंट्स की जरूरत पड़ती है. अगर किसी की डाइट में ये पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल जाते हैं, तो सप्लीमेंट लेना जरूरी नहीं है. लेकिन जिन लोगों की डाइट प्रॉपर बैलेंस्ड नहीं होती या जो हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग कर रहे होते हैं, वे सप्लीमेंट को एक्स्ट्रा सपोर्ट की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं, यानी सप्लीमेंट डाइट को रिप्लेस नहीं करते, वो सिर्फ गैप को भरते हैं.
सप्लीमेंट लेना तभी सच में जरूरी होता है जब आपकी बॉडी को एक्स्ट्रा न्यूट्रिशन की जरूरत हो और खाने से वो पूरा नहीं हो पा रहा हो. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति बहुत स्ट्रिक्ट वर्कआउट कर रहा है, वजन बढ़ाने या मसल्स गेन करने की फेज में है या उसकी डाइट में प्रोटीन सोर्स कम है जैसे शाकाहारी लोग जिन्हें रोज इतना प्रोटीन फूड से नहीं मिल पाता, तो डॉक्टर/डाइटिशियन गाइडेंस में प्रोटीन सप्लीमेंट देना उपयोगी हो सकता है. इसी तरह क्रिएटिन, फिश ऑयल, विटामिन डी या मल्टीविटामिन जैसी चीजें तभी फायदेमंद होती हैं जब टेस्ट में कमी निकले या ट्रेनिंग स्ट्रेंथ डिमांड ज्यादा हो. यानी सप्लीमेंट का सही इस्तेमाल कंडीशन बेस्ड होना चाहिए, न कि ट्रेंड या फैशन के नाम पर.
जिम सप्लीमेंट लेना शरीर के लिए सही या गलत?
एम्स दिल्ली में डिपार्टमेंट ऑफ आर्थोपेडिक्स के डॉ. भावुक गर्ग बताते हैं कि सप्लीमेंट अपने आप में गलत नहीं होते, लेकिन बिना डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह से इन्हें लेना शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. सबसे बड़ा खतरा ओवरडोज का होता है. कई लोग जल्दी रिजल्ट के चक्कर में ज्यादा स्कूप लेने लगते हैं, जिससे लीवर और किडनी पर प्रेशर बढ़ जाता है. कुछ सप्लीमेंट्स में मिलावट या स्टेरॉयड मिक्स रहने का भी खतरा होता है, खासकर अनऑथराइज्ड ब्रांड्स और सस्ते पाउडर में.
इसके अलावा, अगर आपको पहले से कोई बीमारी हो, जैसे किडनी प्रॉब्लम, यूरिक एसिड हाई, फैटी लिवर, थायरॉयड, तो बिना जांच के सप्लीमेंट लेना बेहद जोखिम भरा है. इसलिए सही तरीका यही है कि पहले डाइट सुधारें, खाने में प्रोटीन और न्यूट्रिशन बढ़ाएं. अगर फिर भी जरूरत लगे, तब ही डॉक्टर/स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट की राय लेकर सप्लीमेंट शुरू करें.
सप्लीमेंट लेने से पहले इन बातों का ध्यान रखें
पहले डाइट से न्यूट्रिशन पूरा करने की कोशिश करें.
हमेशा प्रमाणित, लैब-टेस्टेड ब्रांड ही चुनें.
पैक पर खाने का तरीका और मात्रा ध्यान से पढ़ें.
किसी भी तरह की बीमारी हो तो पहले जांच करवाएं.
तेजी से रिजल्ट पाने के लिए ओवरडोज बिलकुल न करें.

