घर पर अचानक बेहोश होने के बाद गोविंदा को जुहू के क्रिटिकल केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
बॉलीवुड एक्टर और पूर्व सांसद गोविंदा की मंगलवार रात को तबीयत बिगड़ी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अपने आवास पर अचानक बेहोश होने के बाद गोविंदा को जुहू के क्रिटिकल केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया. न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट में गोविंदा ने कहा है, अब मैं ठीक हूं. इससे पहले गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने उनके होश में आने की खबर की पुष्टि की थी. कई जांचे की गई हैं. रिपोर्ट का इंतजार है. फिलहाल, गोविंदा घर पहुंच गए हैं.
गोविंदा के मामले से सवाल उठता है कि आखिर बेहोशी के हालात कब-कब बनते हैं, इसका दिमाग से क्या कनेक्शन है और बेहोशी के पहले के वो कौन से संकेत है जिसे नजरअंदाज नहीं करना? जानिए क्या है इसका पूरा साइंस.
कब-कब इंसान हो जाता है बेहोश?
क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट कहती है, बेहोशी की स्थिति तब बनती है जब अचानक से ब्रेन में पहुंचने वाले ब्लड में गिरावट आती है. इसके पीछे कई कारण गिनाए जाते हैं. कई बार ऐसा कुछ सेकंड या मिनट के लिए होता है. कुछ मामलों में इसकी ड्यूरेशन ज्यादा हो सकती है.
बेहोशी, तब होती है जब आपके दिमाग में पर्याप्त ब्लड सर्कुलेट नहीं हो पाता. बेहोशी के प्रकार के आधार पर इसके कई कारण हो सकते हैं. हो सकता है कि आपको कोई ऐसी चिकित्सीय स्थिति से गुजर रहे हों जो आपके नर्वस सिस्टम या हार्ट को प्रभावित करती हो. या हो सकता है कि शरीर में ऐसी स्थिति बनी हो ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करती हो और लेटने के बाद खड़े होने पर आपके ब्लड प्रेशर को कम कर देती हो.
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कुछ खास मामलों में बेहोशी की स्थिति बनती है. जैसे-अचानक ब्लड प्रेशर का गिरना, हार्ट रेट में गिरावट होना और ब्रेन में ब्लड का सर्कुलेशन कम हो जाना. ऐसे मामलों में अगर आप बेहोश हो जाते हैं, तो कुछ सेकंड या मिनटों के बाद आप होश में आ जाएंगे और सतर्क हो जाएंगे. हालांकि, थोड़ी देर के लिए भ्रम की स्थिति या थकान महसूस हो सकती है. तत्काल डॉक्टर की सलाह लेकर कुछ मिनटों या घंटों में पूरी तरह ठीक हो सकते हैं. इसमें दौरे के कारण होने वाली बेहोशी शामिल नहीं है.
अचानक बेहोशी के मामले आमतौर पर 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में आते हैं. हालांकि, बेहोशी की स्थिति किसी भी उम्र में हो सकती है, चाहे आपको कोई बीमारी हो या नहीं. एक्सपर्ट कहते हैं, बेहोशी के दौरे किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं, इसलिए तुरंत इलाज जरूरी है.
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इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
बेहोशी से पहले कुछ ऐसे लक्षण या संकेत भी दिखते हैं जो अलर्ट करने का काम करते हैं. जैसे- कुछ दिखना बंद होना, बिना किसी कारण गिरना, सिर हल्का या चक्कर आना, नींद आना या सुस्ती महसूस होना, खड़े होने पर कमज़ोरी लगना,आंखों से सामने धब्बे दिखना, सिरदर्द होना, पसीना आना या मितली महसूस होना. ऐसे लक्षण दिखने पर अलर्ट हो जाएं.
गोविंदा हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गए हैं.
वो कारण जो बेहोशी को बढ़ाते हैं
लंबे समय तक खड़े रहना, कंजेशन दूर करने वाली दवाइयां, कुछ बीपी की दवाइयां, गर्म वातावरण में रहना, बहुत अधिक भोजन या कैफीन, या बहुत अधिक अल्कोहल लेना भी बेहोशी की स्थिति की तरफ ले जा सकता है. इसके अलावा नमक और शरीर में लिक्विड की कमी होना या जल्दी से खड़े होना भी इसकी वजह बनती है.
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