वसुंधरा योजना में ग्रुप हाउसिंग प्लॉट्स की ई-नीलामी.Image Credit source: Shivam Jha/TV9 Network
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने गाजियाबाद की प्रतिष्ठित वसुंधरा योजना में दो प्रमुख ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की ई-नीलामी को सफलता के साथ पूरा कर लिया है. 30 सितंबर को आयोजित इस नीलामी में रियल एस्टेट कंपनियों ने जोरदार प्रतिस्पर्धा दिखाई, जिसके परिणामस्वरूप परिषद को कुल 876 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.
आवास आयुक्त द्वारा उच्चतम बोलीदाताओं के प्रस्तावों को मंजूरी मिलने के बाद यह सफलता राज्य सरकार के आवास विकास के संकल्प को मजबूत करने वाली साबित हो रही है. इससे गाजियाबाद में रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलने की संभावना है.
दो प्रमुख भूखंडों पर बोली का जलवा
वसुंधरा योजना, जो गाजियाबाद के सबसे पसंदीदा आवासीय क्षेत्रों में से एक है, में स्थित ये भूखंड रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सोने की खान साबित हुए.
पहला भूखंड (संख्या 7/जीएच-1, कॉर्नर) का क्षेत्रफल 39,489 वर्ग मीटर है. इसकी आरक्षित दर 1,52,091 रुपये प्रति वर्ग मीटर थी, लेकिन खाटूश्याम बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने 1,52,991 रुपये प्रति वर्ग मीटर की उच्चतम बोली लगाकर इसे हासिल कर लिया.

तीन बोली दाताओं की कड़ी टक्कर में यह बोली सबसे ऊपर रही. दूसरा भूखंड (संख्या 7/जीएच-3) का क्षेत्रफल 15,505 वर्ग मीटर है, और इसकी आरक्षित दर 1,38,264 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित थी.
यहां दो बोलीदाताओं के बीच जबरदस्त मुकाबला हुआ, जिसमें बीआरवी एस्टेट एलएलपी ने 1,75,814 रुपये प्रति वर्ग मीटर की रिकॉर्ड बोली लगाकर इसे जीत लिया. यह बोली आरक्षित दर से काफी ऊपर थी, जो क्षेत्र की बढ़ती मांग को दर्शाती है.
UPAVP के अपर आवास आयुक्त नीरज शुक्ला ने बताया , “ये नीलामियां न केवल राजस्व बढ़ाने वाली हैं, बल्कि वसुंधरा योजना में आधुनिक ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के विकास को गति देंगी. इससे हजारों परिवारों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवास मिलेंगे.”
876 करोड़ का राजस्व
आवास विकास को नई ऊंचाई इन दो भूखंडों से प्राप्त 876 करोड़ रुपये का राजस्व UPAVP के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है.
यह राशि राज्य सरकार के आवास योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत नए प्रोजेक्ट्स के लिए उपयोगी होगी. वसुंधरा योजना पहले से ही दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लोकप्रिय है और इन नीलामियों से यहां इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूती मिलेगी.
लखनऊ से अयोध्या तक के प्लॉट्स पर बोली
UPAVP 18 अक्टूबर 2025 को एक और बड़ी ई-नीलामी आयोजित करने जा रही है, जिसमें लखनऊ, मेरठ, आगरा, बरेली, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, बाराबंकी, अयोध्या, सहारनपुर और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों में रिक्त आवासीय भूखंड शामिल हैं.

इनमें EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग), LIG (निम्न आय वर्ग), MIG (मध्यम आय वर्ग), HIG (उच्च आय वर्ग) के प्लॉट्स के अलावा अविकसित भूखंड भी होंगे.
गैर-आवासीय संपत्तियों में लखनऊ के अवध विहार और वृंदावन योजना में बड़े भूखंड, गाजियाबाद की वसुंधरा में होटल, ग्रुप हाउसिंग, संस्थागत भवनों और नर्सिंग होम जैसे विकल्प शामिल हैं.
18 अक्टूबर को होगी नई ई-नीलामी
खास आकर्षण लखनऊ के वृंदावन योजना में आईटी सिटी के लिए आरक्षित भूखंडों का है, जो राज्य सरकार के आईटी हब विकसित करने के विजन को साकार करेगा. आगामी नीलामी में आईटी सिटी प्लॉट्स पर विशेष नजर है.
UPAVP के इस कदम से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को आवास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. 18 अक्टूबर की नीलामी के लिए बोलीदाताओं को UPAVP की आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. क्या यह नीलामी भी 876 करोड़ का रिकॉर्ड तोड़ेगी? बाजार की नजरें टिकी हैं!
