चार धाम यात्रा बंद होने की तारीख आ गई.
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा अपने समापन की ओर पहुंच चुकी है. आज यानि बुधवार को गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे. गुरुवार को यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होंगे. इसके बाद 25 नवंबर को वैकुंठ धाम के नाम से चर्चित बाबा बद्रीनाथ के कपाट बंद होंगे.
इस साल 50 लाख श्रद्धालु उत्तराखंड के इन चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं. सबसे ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं. बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी कम नहीं है. गंगोत्री और यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी 6 लाख पार है. हेमकुंड साहिब के कपाट बंद हो चुके हैं और वहां दर्शन करने के लिए इस बार करीब पौने 3 लाख श्रद्धालु पहुंचे. मगर आज से चारों धामों के दर्शन शीतकालीन के लिए बंद हो जाएंगे.
- 22 अक्टूबर को सुबह 11:36 बजे गंगोत्री धाम के कपाट बंद होंगे
- 23 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे केदारनाथ धाम के कपाट बंद होंगे
- 23 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होंगे
- 25 नवंबर को दोपहर 2:56 बजे बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होंगे
गंगोत्री धाम रहा लंबे समय तक बंद
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री और गंगोत्री धामों से ही चारधाम की यात्रा शुरू होती है. इस बार प्राकृतिक आपदा भी सबसे ज्यादा उत्तरकाशी में ही आई. धराली में आई भीषण आपदा के कारण लंबे समय तक गंगोत्री धाम की यात्रा बंद रही. इसी दौरान यमुनोत्री धाम जाने वाले नेशनल हाईवे पर श्यानाचट्टी में यमुना नदी पर बनी लेक ने मार्ग को डुबो दिया. इससे यमुनोत्री धाम की यात्रा भी काफी समय तक बंद रही.
कहां कितने श्रद्धालुओं ने किए दर्शन?
इन सब बाधाओं को बावजूद 21 अक्टूबर 2025 तक यमुनोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 6,44,366 पहुंच गई. अकेले अक्टूबर महीने के 21 दिनों में ही 40,227 श्रद्धालु यमुनोत्री धाम पहुंचे. गंगोत्री धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या भी 7,57,762 हो गई. अक्टूबर महीने के 21 दिनों में 53,949 श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचे हैं.
