अजगर (सांकेतिक तस्वीर)
राजस्थान के कोटा में बने एक थर्मल प्लांट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक अजगर ने एक काम कर रहे मजदूर का पैर जकड़ लिया. मजदूर काफी देर तक खुद को अजगर से छुड़ाने की कोशिश करता रहा, लेकिन अजगर ने इतनी जबरदस्त जकड़ बना ली कि वह छूट ही नहीं पाया. आखिर में मजदूर ने मदद के लिए आवाज लगाई. आस-पास काम कर रहे मजदूर तुरंत शख्स के पास पहुंची और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अजगर की जकड़ को कम किया और मजदूर को सुरक्षित बचा लिया. फिलहाल घायल मजदूर को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है.
मामले में 53 वर्षीय नंद सिंह, कृष्ण इंजीनियरिंग ठेकेदार कंपनी में काम करते हैं. वो सोमवार की सुबह करीब 11:30 बजे थर्मल पावर प्लांट की यूनिट-5 में पाइपलाइन का वाल्व खोलने गए थे. इस यूनिट में लंबे समये से साफ सफाई न होने के कारण यहां घास-फूस उग आई थी. जब नंद यहां वाल्व खोलने पहुंचे तो घास में छिपे एक अजगर ने उसके पैरों को जकड़ लिया.
घायल मजदूर अस्पताल में भर्ती
इस दौरान नंद सिंह करीब आधे घंटे तक दर्द से चीखते रहा और सांप अपना पैरा छुड़ाने की कोशिश करता रहा. जब सारे प्रयास असफल रहे तो उसने अपने साथी मजदूरों को आवाज लगाई और साथी मजदूर मौके पर पहुंचे. उन लोगों नंद सिंह को अजगर की पकड़ से मुक्त कराया. इसके बाद घायल मजदूर को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां शुरुआती इलाज के बाद उसे एमबीएस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है.
DFO ने क्या कहा?
मामले को लेकर कोटा DFO मुथु एस ने बताया कि मजदूरों ने लाठी-डंडों से अजगर पर हमला कर उसे घायल कर दिया था. वन विभाग की टीम ने अजगर को रेस्क्यू कर अभेड़ा बायोलॉजी पार्क भेज दिया है. यहां डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है. हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मजदूर संघ ने लगाया आरोप
इस घटना पर थर्मल मजदूर संघ ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि प्लांट में सफाई व्यवस्था बहुत खराब है. प्रशासन सिर्फ कागजों में सफाई दिखाता है, जबकि हकीकत कुछ और है. उन्होंने बताया कि थर्मल प्लांट के आसपास घना जंगल है, पहले भी यहां तेंदुआ, भालू जैसे वन्यजीव देखे गए हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया गया. मजदूरों ने प्रशासन से तुरंत सुधार करने की मांग की है.

