बच्चे और गाय का दूधImage Credit source: Getty Images
बच्चे के जन्म के बाद उसकी सही डाइट को लेकर माता-पिता हमेशा सतर्क रहते हैं. शुरुआती वर्षों में बच्चे का शरीर तेजी से विकसित होता है, इसलिए उसे मिलने वाला पोषण बेहद अहम होता है. इसी दौरान माता-पिता के मन में यह सवाल भी आता है कि गाय का दूध कब से देना चाहिए. गाय का दूध पोषण से भरपूर होता है और इसमें कैल्शियम, प्रोटीन व अन्य जरूरी तत्व पाए जाते हैं, लेकिन हर पोषक चीज हर उम्र में सही हो, ऐसा जरूरी नहीं.
कई बार जानकारी की कमी के कारण लोग परंपरा या सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा कर लेते हैं, जो बच्चे की सेहत पर असर डाल सकती है. इसलिए दूध जैसी आम दिखने वाली चीज को भी सोच-समझकर और सही समय पर ही डाइट में शामिल करना जरूरी है. आइए जानते हैं कि किस उम्र में बच्चों को गाय का दूध पिलाना सुरक्षित और फायदेमंद होता है.
किस उम्र में बच्चों को गाय का दूध पिलाना शुरू करें?
एम्स में पीडियाट्रिक विभाग के पूर्व डॉ. राकेश बागड़ी बताते हैं कि बच्चों को गाय का दूध 1 साल की उम्र पूरी होने के बाद ही देना चाहिए. इस उम्र तक बच्चे का पाचन तंत्र काफी हद तक विकसित हो जाता है और वह गाय के दूध को बेहतर तरीके से पचा पाता है. 1 साल के बाद बच्चा ठोस डाइट भी खाने लगता है, जिससे उसे अलग-अलग पोषक तत्व मिलने लगते हैं.
इस समय गाय का दूध उसकी डाइट का एक हिस्सा बन सकता है, न कि पूरा भोजन. हालांकि, दूध की मात्रा सीमित रखना जरूरी होता है, ताकि बच्चा अन्य जरूरी चीजें भी खा सके. धीरे-धीरे दूध को शामिल करने से बच्चे का शरीर उसे अपनाने लगता है और पोषण संतुलन बना रहता है.
1 साल से छोटे बच्चों को क्यों न दें गाय का दूध?
1 साल से छोटे बच्चों को गाय का दूध देने की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि उनका पाचन तंत्र अभी पूरी तरह मजबूत नहीं होता. गाय के दूध में प्रोटीन और मिनरल्स की मात्रा ज्यादा होती है, जिसे छोटा बच्चा आसानी से पचा नहीं पाता. इससे उल्टी, दस्त, गैस या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
इसके अलावा, गाय का दूध आयरन के एब्जॉर्प्शन में रुकावट डाल सकता है, जिससे एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है. कुछ बच्चों में इससे एलर्जी की समस्या भी देखी जाती है. इसलिए इस उम्र में मां का दूध या डॉक्टर द्वारा सुझाया गया फॉर्मूला दूध ही सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है.
गाय के दूध की शुरुआत कैसे करें?
1 साल की उम्र के बाद गाय के दूध की शुरुआत धीरे-धीरे करनी चाहिए. शुरुआत में थोड़ी मात्रा दें और बच्चे की प्रतिक्रिया पर ध्यान रखें. दूध हमेशा उबालकर और ठंडा करके दें, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे. पहले दूध को भोजन के साथ या दिन में एक बार देना बेहतर होता है.
अगर बच्चे को पाचन में कोई परेशानी, एलर्जी या असहजता दिखे, तो दूध की मात्रा कम करें या कुछ समय के लिए रोक दें. धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाने से बच्चा दूध को आसानी से स्वीकार करता है और उसे सही पोषण मिलता है.

