आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि किसी की इच्छा मात्र से संगठन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता और ऐसी मांग करने वालों को पिछले अनुभवों से सीख लेनी चाहिए. जबलपुर में आरएसएस की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन के उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा. महासचिव दत्तात्रेय ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के उस बयान के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने संघ पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि इस तरह की कोशिश पहले तीन बार भी की गई थी. तब समाज ने क्या कहा था? अदालत ने क्या कहा था? इन सबके बावजूद, संघ का काम बढ़ता रहा है. प्रतिबंध लगाने के लिए वाजिब कारण होने चाहिए.
सचिव दत्तात्रेय ने आगे कहा कि यह सिर्फ किसी की इच्छा मात्र से नहीं हो सकता. अगर कोई नेता कहता है कि भारत की एकता, सुरक्षा और संस्कृति के लिए काम करने वाले किसी संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए, तो उसे इसका कारण भी बताना चाहिए.
#WATCH | Jabalpur, Madhya Pradesh: On Congress President Mallikarjun Kharge’s statement, RSS General Secretary Dattatreya Hosabale says, “They (the Congress) have tried many times. I feel he should learn a little from his previous experience… The prominent leader who is saying pic.twitter.com/xVRXxBVjbf
— ANI (@ANI) November 1, 2025
उन्हें पिछले अनुभवों से सीखना चाहिए
वरिष्ठ संघ नेता ने कहा कि समाज ने आरएसएस को स्वीकार कर लिया है और ‘सरकारी व्यवस्था’ ने भी इस तरह के प्रतिबंधों को गलत माना है. उन्होंने आगे कहा कि जो लोग अब प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं, उन्हें पिछले अनुभवों से सीख लेनी चाहिए. दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि यह मेरी निजी राय है और मैं खुलकर कहूंगा कि ऐसा होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था की ज़्यादातर समस्याएं भाजपा और आरएसएस की वजह से पैदा हो रही हैं.
सवाल पूछने उन्होंने कहा कि आरएसएस की बैठक में बिहार या पश्चिम बंगाल चुनावों पर चर्चा हुई. दत्तात्रेय ने कहा कि आगामी बिहार चुनाव पर कोई चर्चा नहीं हुई. लेकिन संघ का रुख स्पष्ट है कि लोगों को बड़ी संख्या में वोट देना चाहिए और जाति या पैसे के आधार पर नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज से जुड़े मुद्दों पर वोट देना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम इस बारे में जन जागरूकता के लिए काम करते हैं. बिहार में मतदान 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी.
पश्चिम बंगाल की स्थिति गंभीर
पश्चिम बंगाल के बारे में दत्तात्रेय ने कहा कि इस बैठक में वहां की स्थिति पर चर्चा नहीं हुई, लेकिन इस पर पहले भी चर्चा हुई थी. उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति गंभीर है. पिछली बैठक में बंगाल पर एक प्रस्ताव पारित किया गया था. राज्य में संघ का कार्य बढ़ रहा है, लेकिन पिछले चुनावों के बाद राजनीतिक नेतृत्व और मुख्यमंत्री के कारण नफरत और वैमनस्य फैला है.
आरएसएस नेता ने कहा कि बंगाल एक सीमावर्ती राज्य है और बांग्लादेश से आने वाले लोगों के दबाव का सामना करता है. उन्होंने आगे कहा कि अगर राजनीतिक नेतृत्व इस खतरे को खत्म करने में विफल रहता है, तो कभी भारत का मार्गदर्शक रहे बंगाल को अस्थिरता और हिंसा के माहौल में रखना अन्याय होगा. आरएसएस के स्वयंसेवक बंगाल में सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं.

