ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जहाज एमटी वैलियंट रोर (MT Valiant Roar) के 16 भारतीय क्रू मेंबर्स को हिरासत में लिया है. इस जहाज को 8 दिसंबर 2025 को यूएई के दिब्बा पोर्ट के पास अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाके में रोका गया था. ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि जहाज पर 6,000 मीट्रिक टन ईंधन की तस्करी की जा रही थी. इस जहाज पर काम कर रहे थर्ड इंजीनियर केतन मेहता के परिवार अपने बेटे को लेकर चिंतित है.
इस बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार (17 जनवरी, 2026) को ईरानी अधिकारियों से आग्रह किया कि हिरासत में लिए गए 16 भारतीय नाविकों को कांसुलर पहुंच प्रदान करें. भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए एक बयान जारी किया है जिसमें दूतावास ने कहा ‘दिसंबर 2025 के मध्य के आसपास, दूतावास को ईरानी अधिकारियों द्वारा एमटी वैलिएंट रोर नामक जहाज को हिरासत में लिए जाने की सूचना मिली, जिसमें 16 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे’.
‘चालक दल से मिलने की अनुमति मांगी’
पोस्ट में आगे कहा ‘बंदर अब्बास स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने तुरंत (14 दिसंबर को) ईरान सरकार को पत्र लिखकर चालक दल से मिलने की अनुमति मांगी. तब से, राजनयिक पत्राचार और बंदर अब्बास एवं तेहरान में व्यक्तिगत मुलाकातों के माध्यम से राजदूत स्तर पर भी कांसुलर पहुंच के लिए कई बार अनुरोध दोहराया गया है. ईरानी अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया गया कि वो चालक दल को भारत में उनके परिवारों से संपर्क करने की अनुमति दें’.
खाना, पानी, ईंधन की व्यवस्था
वाणिज्य दूतावास (Consulate) ने बताया कि उन्होंने जहाज की मालिक यूएई स्थित कंपनी से संपर्क स्थापित कर लिया है और जहाज के लिए भोजन, पानी और ईंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कंपनी के ईरान स्थित एजेंटों के साथ भी संपर्क में हैं. इसके अलावा, उन्होंने कंपनी से ईरानी अदालतों में चालक दल के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया है.
Regarding detention of a Merchant Vessel (MT VALIANT ROAR) with Indian Crew members, by Iranian Authorities.@MEAIndia @IndianDiplomacy pic.twitter.com/9h1YV1rGd6
— India in Iran (@India_in_Iran) January 17, 2026
राशन की आपूर्ति करने के लिए दबाव
बयान में कहा गया है, ‘जहाज द्वारा भोजन और पानी के भंडार में कमी की सूचना मिलने पर, मिशन ने जनवरी की शुरुआत में भोजन और पानी की आपातकालीन आपूर्ति की व्यवस्था करने के लिए ईरानी नौसेना से संपर्क किया. दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास भी जहाज के मालिक कंपनी पर कानूनी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और जहाज को नियमित रूप से राशन की आपूर्ति करने के लिए दबाव डाल रहा है’.
इसमें आगे कहा गया है, ‘यह मामला ईरान में न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होने की उम्मीद है. हालांकि, मिशन और वाणिज्य दूतावास ईरानी अधिकारियों पर चालक दल को जल्द से जल्द कांसुलर पहुंच प्रदान करने और न्यायिक कार्यवाही को शीघ्रता से पूरा करने के लिए दबाव डालना जारी रखे हुए हैं’.
पिता ने लगाई गुहार
दूतावास का यह बयान उस इंजीनियर के पिता के अनुरोध के बाद आया है, जो चालक दल के 16 सदस्यों में शामिल था. पिता ने भारतीय अधिकारियों से अपने बेटे को हिरासत से रिहा कराने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था. मुकेश मेहता ने भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्रालय (MEA) और जहाजरानी महानिदेशालय से अपील की कि वो उनके बेटे और अन्य चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित और शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें और फौरन राजनयिक कार्रवाई करें.

